फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   DM will force the government offices, the blueprint being devised to enhance powers

डीएम कार्यालयों को ताकत देगी सरकार, शक्तियां बढ़ाने के लिए खाका किया जा रहा तैयार

Thu, 07 Jul 2016 01:15 AM IST
बृजेश सिंह /अमर उजाला, नई दिल्ली
बृजेश सिंह /अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 07 Jul 2016 01:15 AM IST
विज्ञापन
DM will force the government offices, the blueprint being devised to enhance powers
केजरीवाल और मनीष सिसोदिया

दूसरे राज्यों की तरह दिल्ली के डीएम (जिलाधिकारी) कार्यालयों को दिल्ली सरकार ताकतवर बनाने की तैयारी में जुट गई है। दिल्ली सरकार विभिन्न विभागों के आयुक्त कार्यालयों की शक्तियों का विकेंद्रीकरण करना चाहती है। 

विज्ञापन


इसके लिए सरकार ने चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी दिल्ली जिला प्रशासन बिल (डीडीएबी) 2010 पर एक रिपोर्ट तैयार करेगी। कमेटी को आठ जुलाई को रिपोर्ट देनी है।  दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने एक आदेश जारी कर चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में राजस्व विभाग मुख्यालय के उपायुक्त थर्ड के साथ दक्षिणी, पूर्वी और दक्षिणी पश्चिमी जिले के डीएम को रखा गया है। 
विज्ञापन


आदेश में इस कमेटी को डीडीएबी बिल को अंतिम प्रारूप देने के साथ जिला प्रशासन यानी डीएम कार्यालय की शक्तियों के लिए नई रूप रेखा तय करना है। कमेटी को इस बिल के जरिए स्थानीय सरकारी सेवाओं के लिए बनी सिस्टम को किस तरह से जिला प्रशासन के साथ जोड़ा जा सकता है इस पर भी रिपोर्ट में विस्तृत जानकारी देनी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

दिल्ली जिला प्रशासनिक बिल के लिए बनाई चार सदस्यीय कमेटी

DM will force the government offices, the blueprint being devised to enhance powers
केजरीवाल और सिसोदिया - फोटो : अमर उजाला

इसके साथ लोक प्रशासन का विकेंद्रीकरण करना, स्थानीय प्रशासन में एकरूपता लाना जिससे स्थानीय प्रशासन की सेवाओं को नियम के तहत लागू किया जा सके इसे लेकर काम करना है।
 
कमेटी के सभी सदस्यों को तत्काल इस संबंध में एक बैठक करने का निर्देश दिया गया है। इसमें सबसे वरिष्ठ अधिकारी इसका अध्यक्ष होगा। यह कमेटी एक ड्राफ्ट रिपोर्ट दिल्ली के मंडलायुक्त को सौंपेगी। सूत्रों की मानें तो इसके जरिए सरकार मोहल्ला सभाओं को भी स्थानीय विकास की ताकत दे सकती है। 

वर्तमान में क्या है व्यवस्था 
दिल्ली एक केंद्र शासित राज्य है। मौजूदा व्यवस्था के तहत सभी विभागों में कमिश्नर होता है। वहीं, पूरी दिल्ली में अपने जोनल कार्यालयों के माध्यम से अपनी योजनाओं को लागू करता है। दिल्ली में डीएम होते हैं लेकिन वह राजस्व विभाग के तहत सिर्फ प्रमाण पत्र जारी करने के साथ संपत्ति पंजीकरण का काम करता हैं। दूसरे विभाग उसके प्रति जवाबदेह नहीं होते हैं। 

मसलन अगर किसी जिले में सड़क की जरूरत है और डीएम के पास उसकी मांग आती है तो डीम सिर्फ संबंधित विभाग नगर निगम या लोक निर्माण विभाग को पत्र लिख सकता है। वह खुद कोई फैसला लेकर उस पर काम नहीं कर सकता है। 

जानिए क्या चाहती है सरकार और क्या है समस्या?

DM will force the government offices, the blueprint being devised to enhance powers
केजरीवाल - फोटो : ani
क्या चाहती है सरकार
दिल्ली सरकार आयुक्त कार्यालयों में सिमटी इन शक्तियों को अब डीएम कार्यालयों को देना चाहती है। सरकार चाहती है कि शक्तियों का विकेंद्रीकरण हो। जिला या जोनल स्तर पर उपस्थित कार्यालय किसी भी विभाग के हो वह स्थानीय जिला प्रशासन को रिपोर्ट करे। डीएम उन्हें तलब कर सके और उनसे काम भी करवा सके। यही नहीं सरकार दिल्ली पुलिस व नगर निगमों को भी डीएम के प्रति जवाबदेह बनाने की कोशिश कर रही है। 

क्या हैं अड़चनें
बताते चलें कि इस बिल को लेकर 2010 से काम चल रहा है लेकिन तत्कालीन सरकार भी इसे अंतिम रूप नहीं दे पाई है। यह सरकार फिर इस कोशिश में जुट गई है। पहली दिक्कत है कि वरिष्ठ नौकरशाह इसे लाना नहीं चाहते हैं। 

क्योंकि आयुक्त प्रिंसिपल सेक्रेटरी रैंक के अधिकारी होते हैं। डीएम उनके जूनियर। डीएम की पावर बढ़ने से उन्हें दिक्कत हो सकती है। दूसरा सरकार को इस बिल को लागू कराने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी लेनी होगी। केंद्र शासित राज्य होने के साथ केंद्र और दिल्ली सरकार के तल्ख रिश्ते भी इस लागू होने में बड़ी बाधा है। 

दिल्ली के 11 डीएम कार्यालय- नई दिल्ली, पूर्वी, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, शाहदरा, दक्षिणी, दक्षिणी-पश्चिमी, उत्तरी, मध्य जिला, पश्चिमी जिला, उत्तर पश्चिमी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed