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Delhi NCR News: गुरुग्राम के ध्यानार्थ डीएलएफ कैमिलियास फर्जी फ्लैट घोटाले के आरोपी को अग्रिम जमानत से इनकार
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुग्राम के लग्जरी प्रोजेक्ट डीएलएफ कैमिलियास में नॉन-एग्जिस्टेंट फ्लैट बेचकर एक महिला को 12.04 करोड़ रुपये की ठगी के मुख्य साजिशकर्ता राम सिंह को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की एकलपीठ ने राम सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए टिप्पणी की। कोर्ट ने आरोपी को मुख्य षडयंत्रकर्ता की संज्ञा देते हुए कहा कि राम सिंह पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड था, जो दूर से पूरे ऑर्केस्ट्रा का संचालन कर रहा था बिना खुद सामने आए। अदालत ने कहा कि आरोपी जांच में शामिल नहीं हो रहा था और बार-बार जारी समनों की अनदेखी कर रहा था, जिसके कारण उसके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी हो चुके थे।
मामले के अनुसार, राम सिंह (उर्फ बाबाजी) और उनके सहयोगियों ने फर्जी दस्तावेजों तथा बनावटी बैंक नीलामी के कागजातों का इस्तेमाल कर महिला को लग्जरी फ्लैट बेचने का झांसा दिया। महिला ने अगस्त से अक्टूबर 2024 के बीच आरटीजीएस और डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से कुल 12.04 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। पुलिस के अनुसार, इस सिंडिकेट पर दिल्ली-एनसीआर के अलावा पंजाब, मध्य प्रदेश और गोवा में 14 से अधिक ठगी के मामले दर्ज हैं और कुल 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी का आरोप है।
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुग्राम के लग्जरी प्रोजेक्ट डीएलएफ कैमिलियास में नॉन-एग्जिस्टेंट फ्लैट बेचकर एक महिला को 12.04 करोड़ रुपये की ठगी के मुख्य साजिशकर्ता राम सिंह को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की एकलपीठ ने राम सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए टिप्पणी की। कोर्ट ने आरोपी को मुख्य षडयंत्रकर्ता की संज्ञा देते हुए कहा कि राम सिंह पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड था, जो दूर से पूरे ऑर्केस्ट्रा का संचालन कर रहा था बिना खुद सामने आए। अदालत ने कहा कि आरोपी जांच में शामिल नहीं हो रहा था और बार-बार जारी समनों की अनदेखी कर रहा था, जिसके कारण उसके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी हो चुके थे।
मामले के अनुसार, राम सिंह (उर्फ बाबाजी) और उनके सहयोगियों ने फर्जी दस्तावेजों तथा बनावटी बैंक नीलामी के कागजातों का इस्तेमाल कर महिला को लग्जरी फ्लैट बेचने का झांसा दिया। महिला ने अगस्त से अक्टूबर 2024 के बीच आरटीजीएस और डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से कुल 12.04 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। पुलिस के अनुसार, इस सिंडिकेट पर दिल्ली-एनसीआर के अलावा पंजाब, मध्य प्रदेश और गोवा में 14 से अधिक ठगी के मामले दर्ज हैं और कुल 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी का आरोप है।
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