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महीने के अंत में दिवाली फिर बीमारियों ने बिगाड़ा बजट
सिद्धार्थ शाह/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Wed, 26 Oct 2016 12:03 AM IST
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दिवाली
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खुशियों के पर्व दिवाली पर इस बार बाजार में मायूसी सी दिखाई दे रही है। खरीदारों में उत्साह दिखाई नहीं देने से व्यापारी वर्ग मायूस है। महीने के अंत में दिवाली आना तो वजह है ही, इसके साथ ही इस बार चिकनगुनिया, मलेरिया और वायरल जैसी बीमारियों ने लोगों का बजट बिगाड़कर रख दिया।
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त्योहारों के सीजन में 1500 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाला बाजार इस बार गिरता दिखाई दे रहा है। व्यापारियों की मानें तो उपहारों की बिक्री में 40 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, धनतेरस के दिन खरीदारों का रुझान बढ़ने की उम्मीद व्यापारी वर्ग को है।
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इस बार दिवाली 30 अक्तूबर को है। नौकरीपेशा अधिकांश लोगों को वेतन महीने की एक या फिर सात तारीख को मिलता है। जबकि बाजार एक सप्ताह पहले से ही खरीदारों के लिए सजकर तैयार हैं।
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दिवाली के लिए खरीदारी करने वाले मध्यम व निम्न आय वर्ग के लोग हाथ में पैसा न होने के कारण चाहकर भी खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं। बाजार से जुड़े जानकारों की मानें तो हर वर्ष दिवाली से चार से छह दिन पहले शहर में छोटे उपहारों का कारोबार 50 से 70 करोड़ का होता है।
इस बार मात्र 20 से 25 करोड़ रुपये के आसपास रह गया है। हालांकि, बाजारों में भीड़ कम नहीं है। चिकनगुनिया, डेंगू, मलेरिया और वायरल जैसी बीमारियों ने इस बार करीब-करीब हर घर को चपेट में लिया।
चिकनगुनिया से पीड़ितों का तो अब तक मिजाज ठीक नहीं हो पाया है। इन बीमारियों में लोगों ने काफी पैसा खर्च किया। ऐसे में अब महीने के अंत में आई दिवाली पर बजट बिगड़ गया है।
ऑनलाइन ने भी बिगाड़ा कारोबार
डिजिटल इंडिया की तरफ बढ़ रहे नए दौर का असर अब रिटेल मार्केट पर भी देखा जा रहा है। त्योहारों पर परंपरागत तरीके से सजने वाले बाजार बेरौनक दिखाई दे रहे हैं।
बाजारों में धक्के खाने की बजाय लोग ऑनलाइन खरीदारी को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइटों ने इस बार ग्राहकों को लुभाने के लिए तरह तरह के आकर्षक ऑफर निकाले हुए हैं।
गिफ्ट बाजार खास नहीं
इस बार का गिफ्ट बाजार कुछ खास नहीं है। 35 से 40 प्रतिशत कम सामान बिक रहा है। इलेक्ट्रिकल के गिफ्ट आइटम गत वर्ष की अपेक्षा इस बार बहुत कम निकल रहे हैं।-पूजा शर्मा, व्यापारी
व्यापारियों की टूटी उम्मीदें
गत वर्ष सात लाख रुपये का सामान स्टॉक किया था। इस बार भी बिक्री की उम्मीद को देखते हुए स्टॉक किया गया लेकिन चाइना के सामान का बहिष्कार, दिवाली के महीने के अंत में आना और ऑनलाइन के क्रेज ने हमारी उम्मीदें तोड़ दी हैं। -विक्की, व्यापारी