तलाक पार्टी: रिश्तों की बर्बादी का यहां मनाया जाता है जश्न
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प्रेमी युगल में ब्रेकअप पार्टी तो खूब सुनने को मिलती हैं, मगर अब घर बिखरने पर भी ‘पार्टी’ हो रही हैं। परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलिंग के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि तलाक के लिए दंपति की सहमति बनने पर वे इसे सेलीब्रेट करते हैं।
ऐसे लोगों का कहना है बहुत टेंशन रही, चलो कोई निर्णय तो हुआ, भले ही डिवोर्स की शक्ल में हुआ हो। रोज की तकरार तो खत्म हुई। भारतीय समाज में डिवोर्स (तलाक) होना बड़ी बात मानी जाती है।
इससे परिवार बिखरते हैं, बच्चे माता-पिता के प्यार से महरूम रह जाते हैं। बावजूद इसके दंपतियों में तलाक हो रहे हैं और कुछ परिवार ऐसे भी हैं, जो इसे सेलीब्रेट भी कर रहे हैं।
गाजियाबाद में इस तरह के कई केस
गाजियाबाद में भी इस तरह के कई केस सामने आए हैं। महिला थाने की एसएचओ अंजू तेवतिया ने बताया कि दंपति में डिवोर्स पर सहमति बनने के बाद उसे सेलीब्रेट करने वाली ज्यादातर फैमिली दिल्ली या टीएचए की रहने वाली हैं।
इन परिवारों में ज्यादातर झगड़ों की वजह हैं, आपस में विचार न मिलना और दंपति में से किसी एक या दोनों के विवाहेतर संबंध होना या फिर संबंधों का शक होना हैं।
इस तरह के 10-15 मामले हर माह आ रहे हैं, जिनमें दोनों पक्ष तलाक पर सहमत हो जाते हैं। इस साल 67 मामले ऐसे रहे हैं। एसएचओ ने बताया कि इनमें से कुछ परिवार ऐसे भी रहे, जिन्होंने तलाक पर सहमत होने पर उसे सेलीब्रेट किया और उसमें आने के लिए पुलिसवालों को भी कहा।
इंदिरापुरम की दंपति में तलाक पर सहमति, होगी पार्टी
रविवार को ही ऐसा एक मामला आया। इंदिरापुरम की रहने वाली दंपति की तलाक पर सहमति बनी तो दोनों परिवारों ने महिला थाने में ही एक-दूसरे के बधाई दी। साथ ही इसे सेलीब्रेट करने के लिए पार्टी करने को भी कहा।
समाज शास्त्री जेएल रैना कहते हैं कि पहले रिश्तों को अहमियत दी जाती थी। रिश्तों के टूटने पर दर्द होता था, मगर अब दंपति को निजी जिंदगी में एक-दूसरे का दखल बर्दाश्त नहीं है।
उन्हें लगता है कि अलग होकर वे अपने निर्णय बेहतर तरीके से ले सकेंगे। अलग होने पर वे आजादी महसूस करते हैं और उसका जश्न भी मनाने लगे हैं।