'महंगाई बढ़ गई है, अब ये तलाक नहीं हो सकता'
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गाजियाबाद में तलाक के एक मामले में महंगाई रोड़ा बन गई है। ब्याहता के मायकेवालों का कहना है कि एक तरफ वे बेटी का घर टूटने से दुखी हैं, तो दूसरी तरफ उन्हें ये फिक्र खाए जा रही है कि तलाक के बाद बेटी की दूसरी जगह शादी कैसे कर पाएंगे।
दरअसल छह साल पहले जब उन्होंने बेटी की शादी की थी, तब दहेज में दिए गए सामान की कीमत आज के मुकाबले तीन गुना कम थी। बेटी के ससुरालवाले तलाक के बाद वही खर्च वापस करना चाहते हैं, जो शादी के वक्त हुआ था। जबकि वे आज की महंगाई के लिहाज से खर्च वापस चाहते हैं। इसी पर तलाक लटका हुआ है।
यह शादी 2009 में गाजियाबाद में हुई थी। लड़की पक्ष ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की थी। महिला थाने में दोनों पक्षों की काउंसलिंग के दौरान ये बात सामने आईं कि दोनों तलाक चाहते हैं। दोनों के परिवारवाले भी इस पर राजी हो गए। बात आई शादी में खर्च की।
तलाक के बाद दोनों को करनी है अलग-अलग शादियां
महिला के ससुरालवाले बोले कि शादी में ढाई लाख रुपये खर्च हुए थे, वे वापस करने को तैयार हैं। लेकिन इस पर उसके मायकेवाले नहीं माने। पुलिस ने पूछा तो महिला के पिता ने बताया कि जब उन्होंने बेटी की शादी की थी तब सोने की कीमत करीब 12 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जबकि आज सोने की कीमत लगभग 29 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम है।
यही हाल चांदी का है। चांदी तब करीब 23 हजार रुपये प्रति किलो थी और अब लगभग 43 हजार रुपये प्रति किलो है। पेट्रोल तब करीब 44 रुपये लीटर था, अब 67 रुपये से ज्यादा है। इसी तरह दहेज में जो सामान दिया गया था, उसकी कीमत अब तकरीबन तीन गुना बढ़ चुकी है।
अटके हुए हैं तलाक के सात मामले
लिहाजा वे कैसे राजी हो जाएं। उन्हें बेटी की दूसरी शादी करनी पड़ेगी, तो वैसे कैसे करेंगे। उन्हें छह लाख रुपये चाहिए। उनके तर्क को सुनकर पुलिसवाले भी पसोपेश में पड़े हुए हैं।
महिला थानेदार शीला चौधरी ने बताया कि ससुरालवाले शादी के समय का खर्च लड़की पक्ष को देने को राजी हैं, जबकि लड़कीवाले आज की महंगाई के हिसाब से खर्च वापस मांग रहे हैं। समझौते के प्रयास जारी हैं।
महिला थाना एसएचओ ने बताया कि इन दिनों सात मामले ऐसे हैं, जिनमें दोनों पक्ष साथ नहीं रहने की जिद पर अडे़ हैं। अलग-अलग वजहों से लेकर वे तलाक पर सहमत नहीं हो पा रहे हैं। कोई पैसों के लेनदेन की वजह से अटका है तो कोई बच्चों की सुपुर्दगी को लेकर कि वे किसके पास रहेंगे।