फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   discrimination in swachh bharat mission in gurgaon

शौचालय बनाने में भेदभाव, प्रतिनिधि सिर्फ नजदीकी लोगों की तरफ ध्यान दे रहे

Wed, 30 Mar 2016 09:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Wed, 30 Mar 2016 09:30 AM IST
विज्ञापन
discrimination in swachh bharat mission in gurgaon

खंड में स्वच्छ भारत अभियान में पक्षपात व भेदभाव बरतने की बात सामने आ रही है। ग्रामीणों का पंचायत प्रतिनिधियों पर सिर्फ अपने नजदीकी व चहेते लोगों की तरफ ध्यान देने का आरोप है।

विज्ञापन


इसकी वजह से जरूरतमंद व गरीब ग्रामीण अपने आपको असहाय महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या की तरफ ध्यान देने की मांग की है, ताकि उन्हें भी शौचालय जैसी बुनियादी जरूरत का लाभ मिल सके।
विज्ञापन


तावडू खंड में सरकार की ओर से वर्ष 2014-15 में 2968 शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अभी तक 904 लोगों को ही इसका लाभ मिला है। वहीं मेवात में अभी भी हजारों परिवार इस बुनियादी सुविधा से महरूम हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गांव भाजलाका, सिलखोह, चिलावली, छारौड़ा, सूंध, भंगोह, पचगांवा, सालाका, मालाका, सेवका, रानियाकी, मण्डारका, निजामपुर, मसीत, ढिलमकी और नूरपुर आदि गांवों के ग्रामीण रहीस, समा, याकूब, रजाक, खुर्शीद, मुन्ना, इमरान खान और खालिद का आरोप है कि जो लोग पंचायत प्रतिनिधियों के नजदीकी व चहेते हैं, उनके ही शौचालय बनवाए जा रहे हैं।

गांव में जो टीम सर्वे करने पहुंचती है, वह निष्पक्ष रूप से सर्वे न करके पंचायत के इशारे पर काम करती है। इसकी वजह से जरूरतमंद ग्रामीणों को इस अभियान का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष तौर पर सर्वे कराकर जरूरतमंद लोगों को शौचालय के लिए अनुदान राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।

खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी तावडू अमित कुमार ने कहा कि खुले में शौच कोई न जाए, इसके लिए सरकार द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र मेें जिन घराें में शौचालय नहीं हैं, सर्वे कर उन लोगों को शौचालय बनाने के लिए प्रेरित कर अनुदान राशि दी जा रही है।

उन्होंने कहा किसी तरह का भेदभाव रवैया बर्दास्त नहीं किया जाएगा। स्वच्छ भारत अभियान तावडू खंड के को-ऑर्डिनेटर मो. आरिफ का कहना है कि इस अभियान के तहत तावडू की सभी 54 ग्राम पंचायतों को ‘खुले में शौच मुक्त’ कराया जाना है।


उन्होंने ग्रामीणों द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों के इशारे पर सर्वे करने के आरोपों को झूठा बताया है। वहीं पंचायत प्रतिनिधियों ने भेदभाव के आरोपों को झूठा व निराधार बताया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed