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मेले में पुस्तकों पर 50 फिसदी छूट, आडवाणी ने भी दिया सुझाव

Sun, 17 Jan 2016 12:24 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 17 Jan 2016 12:24 PM IST
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Discount on books at the fair half, Advani also viewed Biographies.

विश्व पुस्तक मेला समाप्त होने में केवल एक दिन शेष है। ऐसे में शनिवार को मेले में पुस्तकों पर छूट का खेल देखने को मिला। प्रकाशक दस से पचास फीसदी तक की छूट के साथ किताबें बेचने में जुटे रहे।

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इसे छूट का नतीजा कहें या फिर पुस्तकों केप्रति प्रेम, शनिवार को मेले में एक लाख से अधिक लोग पहुंचे। सुबह से ही प्रगति मैदान में लोगों की भीड़ रही। दिन भर अनेक साहित्यिक गतिविधियां भी आयोजित हुई।
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रविवार को मेले का आखिरी दिन होने के कारण पुस्तक प्रेमियों को बम्पर छूट मिलने की संभावनाएं हैं। ऐसे में आखिरी दिन मोल-भाव करकेपुस्तकें खरीदें।

पांच सौ रुपए तक किताबों पर 20 फिसदी छूट

Discount on books at the fair half, Advani also viewed Biographies.

शनिवार को अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा भीड़ होने के कारण प्रकाशकों ने पुस्तकों पर छूट के विभिन्न ऑफर दिए। कुछ ने दस से बीस फीसदी, तो कुछ प्रकाशकों ने पचास फीसदी तक की छूट दी।

छूट का असर खासकर हॉल नंबर 9, 10 और 11 में देखने को मिला। हॉल नंबर दस में डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन से जुड़ी किताबें पचास फीसदी छूट केसाथ बेची गईं।

वहीं कुछ प्रकाशक छूट के लिए भी ऑफर दे रहे थे। मसलन पांच सौ रुपये की किताबों पर बीस फीसदी तक की छूट, 1000 रुपये पर 25 फीसदी तक की छूट दी गई।

आडवाणी ने अपनी किताबों पर किए हस्ताक्षर

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हॉल नंबर 12 ए में प्रभात प्रकाशन के स्टॉल पर वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी पहुंचे। उन्होंने महान वैज्ञानिकों, क्रांतिकारियों की जीवनियों पर आधारित पुस्तकें देखी।

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की दर्जन भर पुस्तकें, नरेंद्र मोदी, भीमराव अंबेडकर, स्वामी विवेकानंद पर लिखी पुस्तकों को भी देखा। उन्होंने प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित अपनी पुस्तक ‘मेरा देश मेरा जीवन’ और ‘नजरबंद लोकतंत्र’ पर हस्ताक्षर भी किए।

आडवाणी इस स्टॉल में करीब आधे घंटे रहे। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और डॉ. अब्दुल कलाम की पुस्तकों को खरीदा भी। और प्रभात प्रकाशन को ऐसे लोगों की जीवनी पर पुस्तकें प्रकाशित करने को कहा, जिन्हें प्रकाशन ने अब तक प्रकाशित नहीं किया है।

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