दिवाली के जश्न के बाद अब दिल्लीवालों को लगेगा झटका!
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दिल्ली की तीनों बिजली वितरण कंपनियों ने बिजली कीमत बढ़ाने की मांग दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) से की है। बिजली कंपनियों ने 17 फीसदी से अधिक बिजली कीमत बढ़ाने की मांग आयोग के समक्ष रखी है।
अब आयोग कंपनियों की मांग पर अंतिम फैसला लेना है। संभावना जताई जा रही है कि नवंबर के पहले सप्ताह से बढ़ी हुई बिजली कीमत लागू कर दी जाएंगी।
गौरतलब है कि इससे पहले जुलाई माह में बिजली की कीमतों में जबरदस्त इजाफा किया गया था और एक नया स्लैब भी बनाया गया था। इससे अधिक खपत करने वालों को कहीं ज्यादा चपत लग रही है।
डिस्कॉम्स से मिली जानकारी के मुताबिक, बिजली वितरण कंपनी यमुना पावर लिमिटेड की ओर से सबसे अधिक 17.1 फीसदी बिजली कीमत बढ़ाने की मांग रखी है जबकि बीएसईएस की ही दूसरी कंपनी राजधानी पावर लिमिटेड ने 7.26 फीसदी और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड की ओर से 7 फीसदी बिजली कीमत बढ़ाने की मांग की है। अब इस पर अंतिम फैसला आयोग को लेना है।
ये है कंपनियों का दावा
डिस्कॉम्स सूत्रों का कहना है कि 80 से 85 फीसदी बिजली केन्द्रीय बिजली उत्पादन संयत्रों से ही खरीदी जाती है, लिहाजा इसकी जानकारी सरकारी खातों में भी होती है। इसके इतर कंपनियों का दावा है कि दिल्ली में जरूरत के हिसाब से महंगी बिजली खरीदी जा रही है।
आयोग के चेयरमैन पी डी सुधाकर कहना है कि अभी डिस्कॉम्स की ओर से पीपीएसी दाखिल की गई है। दाखिल दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की जाएगी।
यह देखा जाएगा कि किस आधार पर इतनी बिजली कीमत बढ़ाने की मांग की गई है, यह देखा जाएगा इसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह जरूरी नहीं है कि एक नवंबर से बिजली कीमत बढ़ें, फैसले के बाद ही नई कीमत लागू होंगी।