कंपनियों को पेमेंट नहीं कर सकते, दिल्ली में अब कटेगी बिजली
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दिल्ली में बिजली वितरण करने वाली कंपनियों ने संकेत दिया है कि आने वाले गर्मियों में शहर के वासियों को बिजली की किल्लत हो सकती है।
बीएसईएस यमुना और बीएसईएस राजधानी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर रहे वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि जुलाई तक हो सकता है हमारे पास बिजली ना हो। हम सभी लोगों को अंधकार में काम करना होगा।
बीएसईएस यमुना और बीएसईएस राजधानी को बिजली उत्पादन करने वाली कंपनी, एनटीपीसी को 31 मई तक 788 करोड़ रुपये चुकाने हैं।
कंपनी की हालत अभी है खराब
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के जज बीएस चौहान और जज एके सिकरी की अदालत में वकील रोहतगी ने कहा कि कंपनी आर्थिक रूप से कमजोर है, और वह अभी भुगतान करने की स्थिति में नहीं है।
बीएसईएस यमुना और बीएसईएस राजधानी की ओर से यह भी कहा गया कि हमें बिजली की कीमत बढ़ाने की जरूरत है, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा रखी है।
इस मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी। इस 788 करोड़ रुपये में बीएसईएस यमुना को 430 करोड़ रुपये और बीएसईएस राजधानी को 358 करोड़ रुपये चुकाना है।
26 मार्च से एक पैसे का भी पेमेंट नहीं हुआ
इस मामले में एनटीपीसी के वकील का कहना है कि एक बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट की कंपनियां होने के बावजूद 26 मार्च के बाद से एक पैसे की पेमेंट नहीं कई गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई को इस मामले में कहा था कि अगर कंपनियां एनटीपीसी को पेमेंट नहीं करती है तो वह बिजली देना बंद कर सकती है।