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केजरीवाल सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 22 Jan 2014 08:55 PM IST
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दिल्ली बिजली कंपनियों ने अपने खातों की नियंत्रक महालेखा परीक्षक (कैग) से ऑडिट करने संबंधी दिल्ली सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
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याचिका पर पूर्व से ऊर्जा नामक एनजीओ की ओर से दायर याचिका के साथ 4 फरवरी को सुनवाई होगी। एनजीओ ने बिजली कंपनी के खातों का ऑडिट करवाने की मांग की हुई है।
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उपराज्यपाल ने 7 जनवरी को बिजली कंपनियों के खातों का कैग से ऑडिट करवाने का आदेश जारी किया था। कंपनियों ने उप राज्यपाल के फैसले को अव्यवहारिक और मनमाना बताते हुए कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। इसके अलावा कंपनियां सीएजी के दायरे से बाहर हैं।
याचिका में तर्क दिया कि दिल्ली की बिजली कंपनियों का दिल्ली सरकार के साथ 51:49 की साझेदारी है। पारदर्शिता सिस्टम के तहत उनके खातों की आंतरिक और बाहरी दोनों तौर पर सीएजी द्वारा मान्यता प्राप्त एजेंसियां ऑडिट करती हैं।
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इसके अलावा बिजली कंपनियों के खाते उनके बोर्ड ऑफ डायरेक्टरों द्वारा प्रमाणित हैं। डिस्कॉम्स के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में सरकार के मुख्य सचिव, वित्त सचिव और उर्जा सचिव के अलावा इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स भी हैं। डिस्कॉम्स अपनी सारी बिजली सरकारी कंपनियों से खरीदती हैं, जिसकी कीमत सीईआरसी और डीईआरसी द्वारा तय की जाती है।
डिस्कॉम्स को सरकार से नहीं मिली सब्सिडी राशि
सरकार बनने के तीन दिन बाद ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं को एक जनवरी-2014 से प्रति यूनिट 50 फीसदी सब्सिडी देने की घोषणा कर दी, लेकिन डिस्कॉम्स को अब तक सरकार से सब्सिडी वाली राशि नहीं मिली है।
बीएसईएस को फिलवक्त अपने खाते से सब्सिडी देने के लिए कहा गया है, लेकिन उसके चक्कर में टीपीडीडीएल की भी रकम अटक गई है। जनवरी से मार्च-2014 के लिए दिल्ली सरकार ने प्रति यूनिट 50 फीसदी सब्सिडी देने की घोषणा की है।
घोषणा के अनुसार सब्सिडी के तौर पर इन तीन महीनों में 200 करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है। लेकिन अभी तक यह रकम बिजली कंपनियों को नहीं मिली है। टीपीडीडीएल का कहना है कि 50 फीसदी सब्सिडी देने के आदेश की प्रति डीईआरसी से मिल भी गई है। लिहाजा उपभोक्ताओं को हर हालत में 50 फीसदी सब्सिडी के साथ बिजली बिल भेजना होगा। सब्सिडी की राशि बिजली कंपनियों को कब और कैसे मिलेगी, इसका जवाब कहीं से नहीं मिल रहा है।