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नर्सरी दाखिला: सूची में नाम न आने से निराश अभिभावकों ने किया एनसीआर का रुख
Fri, 07 Feb 2020 06:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 07 Feb 2020 06:40 AM IST
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नर्सरी दाखिला
- फोटो : अमर उजाला
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राजधानी के निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले की पहली सूची में अपने बच्चे का नाम नहीं आने से अभिभावक निराश हैं। बच्चे का साल खराब न हो इसके लिए वे एनसीआर के स्कूलों में सीट पक्की करने में जुट गए हैं। दिल्ली से सटे नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गुरुग्राम में दाखिले के विकल्प तलाशे जा रहे हैं। गौरतलब है कि दिल्ली के कई नामचीन स्कूलों की शाखा एनसीआर में भी हैं। ऐसे में अभिभावकों को दिल्ली से बाहर बच्चों को दाखिला कराने में कोई परेशानी नहीं है।
जहांगीरपुरी में रहने वाले एक अभिभावक सुनीत के मुताबिक उन्होंने दिल्ली के लगभग 10 स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन किया था लेकिन उनके बच्चे को निर्धारित मानक से कम अंक मिले।
इस कारण उनके बच्चे का नाम पहली सूची में नहीं आया। अब उन्होंने करनाल बाईपास स्थित कुंडली के स्कूलों में अपने बच्चे का दाखिला कराने का मन बना लिया है। उनका कहना है कि उस इलाके में कई नामचीन स्कूलों की शाखा हैं और उम्मीद है कि दाखिला मिल जाएगा।
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सरिता विहार के पास रहने वाली एक अभिभावक सुनंदा गुप्ता ने कहा कि आसपास के कई स्कूलों में बच्चे के दाखिले के लिए आवेदन किया। जिन बेहतर स्कूल में दाखिला चाहते थे वहां मिला नहीं। दूसरी सूची का रिस्क नहीं ले सकते। ऐसे में अब वह फरीदाबाद में दाखिला कराने की सोच रही है। वह कहती हैं कि वहां भी अच्छे स्कूल खुल गए हैं और कुछ स्कूलों की बसें दिल्ली बॉर्डर तक आती हैं।
एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम के प्रमुख सुमित वोहरा कहते हैं कि अभिभावकों की जिस तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं उससे साफ है कि अभिभावक स्कूलों का केवल शैक्षणिक पक्ष ही नहीं देख रहे बल्कि संसाधन व सुविधाएं भी देख रहे हैं। यह सब उन्हें अब एनसीआर के स्कूलों में भी मिल रहा है। वहीं, एनसीआर के अधिकतर स्कूलों की बसें दिल्ली तक आती हैं।
दिल्ली में जिस तरह दाखिले के लिए एक तय कैलेंडर होता है वैसा एनसीआर के स्कूलों में नहीं है। ऐसे में उनके लिए एनसीआर में दाखिले की गुंजाइश है। कुछ अभिभावकों ने तो दिल्ली में दाखिला प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, बहादुरगढ़ जैसे इलाकों में अपनी सीटें पक्की कर ली थीं।
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जहांगीरपुरी में रहने वाले एक अभिभावक सुनीत के मुताबिक उन्होंने दिल्ली के लगभग 10 स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन किया था लेकिन उनके बच्चे को निर्धारित मानक से कम अंक मिले।
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इस कारण उनके बच्चे का नाम पहली सूची में नहीं आया। अब उन्होंने करनाल बाईपास स्थित कुंडली के स्कूलों में अपने बच्चे का दाखिला कराने का मन बना लिया है। उनका कहना है कि उस इलाके में कई नामचीन स्कूलों की शाखा हैं और उम्मीद है कि दाखिला मिल जाएगा।
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सरिता विहार के पास रहने वाली एक अभिभावक सुनंदा गुप्ता ने कहा कि आसपास के कई स्कूलों में बच्चे के दाखिले के लिए आवेदन किया। जिन बेहतर स्कूल में दाखिला चाहते थे वहां मिला नहीं। दूसरी सूची का रिस्क नहीं ले सकते। ऐसे में अब वह फरीदाबाद में दाखिला कराने की सोच रही है। वह कहती हैं कि वहां भी अच्छे स्कूल खुल गए हैं और कुछ स्कूलों की बसें दिल्ली बॉर्डर तक आती हैं।
एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम के प्रमुख सुमित वोहरा कहते हैं कि अभिभावकों की जिस तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं उससे साफ है कि अभिभावक स्कूलों का केवल शैक्षणिक पक्ष ही नहीं देख रहे बल्कि संसाधन व सुविधाएं भी देख रहे हैं। यह सब उन्हें अब एनसीआर के स्कूलों में भी मिल रहा है। वहीं, एनसीआर के अधिकतर स्कूलों की बसें दिल्ली तक आती हैं।
दिल्ली में जिस तरह दाखिले के लिए एक तय कैलेंडर होता है वैसा एनसीआर के स्कूलों में नहीं है। ऐसे में उनके लिए एनसीआर में दाखिले की गुंजाइश है। कुछ अभिभावकों ने तो दिल्ली में दाखिला प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, बहादुरगढ़ जैसे इलाकों में अपनी सीटें पक्की कर ली थीं।