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G20 Summit: लोकतंत्र की जननी भारत से रूबरू होंगे विदेशी मेहमान, डिजिटल वॉल पर दिखेंगे 26 कालखंड
Tue, 05 Sep 2023 09:04 AM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: श्याम जी.
Updated Tue, 05 Sep 2023 09:04 AM IST
सार
दिल्ली में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन दौरान विदेशी मेहमानों के सामने दुनिया के सबसे पुराने और बड़े लोकतांत्रिक व्यवस्था को दर्शाने के लिए डिजिटल वॉल तैयार की है।
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डिजिटल वॉल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान दुनिया भारत की 7,000 हजार से भी पुरानी लोकतांत्रिक परंपरा से रूबरू होगी। राष्ट्राध्यक्षों और आमंत्रित प्रतिनिधियों के सामने सिंधु-सरस्वती सभ्यता, वैदिक, रामायण, महाभारत काल से लेकर 2019 संसदीय चुनावों की झलक पेश की जाएगी। इसके लिए भारत मंडपम के हॉल नंबर-14 के सामने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) आधारित भारत 'लोकतंत्र की जननी’ डिजिटल वॉल तैयार की गई है।
हिंदी, अंग्रेजी समेत विश्व की 16 भाषाओं के साथ पेश की जाने वाली झलकियां मेहमानों के भाषाई अड़चन को भी दूर करेंगी। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को होने वाली जी-20 राष्ट्राध्यक्षों की बैठक के दौरान विदेशी मेहमानों को दुनिया के सबसे पुराने और बड़े लोकतांत्रिक व्यवस्था को दर्शाने के लिए डिजिटल वॉल तैयार की है।
डिजिटल वॉल में दिखेंगे 26 कालखंड
डिजिटल वॉल को 26 कालखंड के माध्यम से सिंधु-सरस्वती की प्राचीनतम सभ्यता, संस्कृति, विरासत, नारीशक्ति, पुराने जमाने में राजा के चयन से लेकर वर्तमान में मतदान के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था के चयन को समझाया जाएगा। डिजिटल वॉल में 7,000 साल से पहले लोकतांत्रिक प्रणाली, भारत एक लोकतांत्रिक जननी, सिंधु-सरस्वती सभ्यता, वैदिक, रामायण, महाभारत कॉल, महा जनपथ और गणतंत्र, जैन, बुद्ध धर्म 1 व 2, कौटिल्य और उनके अर्थशास्त्र, मेगस्थनीज, सम्राट अशोक, चीनी यात्री फाहियान, खालिमपुर तामपत्र लेख, श्रेणी संघ, उत्तरामेरुर मंदिर (दीवारों पर लिखित चुनाव प्रक्रिया), अकबर, छत्रपति शिवाजी, स्थानीय स्वशासन, भारतीय संसदीय प्रणाली एक और दो, आधुनिक भारत में चुनाव एक, भारत में चुनावी प्रक्रिया का ब्यौरा शामिल है।
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इसकी सभी जानकारी 16 भाषाओं में मिलेगी। जिसमें हिंदी, अंग्रेजी, डच, बांग्ला, कोरियन,फ्रेंच, अरेबिक, जर्मन, चीनी, जापानी समेत अन्य हैं। यह जानकारियां कुल 45 से 50 मिनट की रहेंगी। जबकि प्रति जानकारी तीन से पांच मिनट तक है।
चंद्रयान जैसी उपलब्धियों को भी जगह
भारत के विकास की कहानी भी दुनिया देखेगी। यहां पर इंडिया ऑन द मूव लघु फिल्म में चंद्रयान-3 का सफर, कपास, दूध, ट्रैक्टर समेत जिन क्षेत्रों में भारत पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर दुनिया का प्रतिनिधित्व कर रहा है, उसे साढ़े तीन से चार मिनट के बीच दर्शाया जाना है। इसमें आजादी के 75 साल यानी अमृतकाल की झलक दिखेगी।
सिंधु-सरस्वती सभ्यता की नर्तकी की प्रतिमा होगी पेश
विदेशी मेहमान एंट्री करते ही नारी शक्ति से रूबरू होंगे। यहां पर पांच फीट ब्रांच की एक सिंधु-सरस्वती सभ्यता से जुड़ी एक कांसे की नर्तकी की प्रतिमा लगाई जा रही है। इसका वजन करीब 120 किलो है। यह हुबहू राष्ट्रीय संग्रहालय दिल्ली में रखी नर्तकी की कॉपी है, जो कि सिंधु -सरस्वती सभ्यता से जुड़ा है।
इसके माध्यम से दुनिया को पता चलेगा कि भारत में प्राचीन काल से नारी का सम्मान होता था। प्राचीन काल से नारी सम्मान, प्रशंशा, निर्णय लेने की आजादी, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल रही। प्रतिमा के नृत्य के माध्यम से उसके भावों और खुशियों को दर्शाया गया है। यह प्रतिमा घूमती दिखेगी, जोकि भारतीय पारंपरिक रंगोली पर खड़ा होगा।
2019 संसदीय चुनावी डेटा होगा पेश
डिजिटल वॉल में सबसे खास 2019 संसदीय चुनावी डेटा को पेश किया जाएगा। इसमें महिला, युवा मतदाता, सबसे अधिक उम्र के मतदाता, सबसे कम और अधिक मतदाता वाले क्षेत्र, लद्दाख के सियाचिन में शून्य से नीचे तापमान, गिर के जंगलों में शेरों के बीच मतदान की झलक दिखेगी। यह सारी डेटा इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के सौजन्य से लिया गया है। इसमें विदेशी मेहमान भारतीय मतदान एक महापर्व के रूप में देखेंगे। इसके अलावा उम्मीदवारों की जानकारियां भी मिलेंगी।
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हिंदी, अंग्रेजी समेत विश्व की 16 भाषाओं के साथ पेश की जाने वाली झलकियां मेहमानों के भाषाई अड़चन को भी दूर करेंगी। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को होने वाली जी-20 राष्ट्राध्यक्षों की बैठक के दौरान विदेशी मेहमानों को दुनिया के सबसे पुराने और बड़े लोकतांत्रिक व्यवस्था को दर्शाने के लिए डिजिटल वॉल तैयार की है।
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डिजिटल वॉल में दिखेंगे 26 कालखंड
डिजिटल वॉल को 26 कालखंड के माध्यम से सिंधु-सरस्वती की प्राचीनतम सभ्यता, संस्कृति, विरासत, नारीशक्ति, पुराने जमाने में राजा के चयन से लेकर वर्तमान में मतदान के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था के चयन को समझाया जाएगा। डिजिटल वॉल में 7,000 साल से पहले लोकतांत्रिक प्रणाली, भारत एक लोकतांत्रिक जननी, सिंधु-सरस्वती सभ्यता, वैदिक, रामायण, महाभारत कॉल, महा जनपथ और गणतंत्र, जैन, बुद्ध धर्म 1 व 2, कौटिल्य और उनके अर्थशास्त्र, मेगस्थनीज, सम्राट अशोक, चीनी यात्री फाहियान, खालिमपुर तामपत्र लेख, श्रेणी संघ, उत्तरामेरुर मंदिर (दीवारों पर लिखित चुनाव प्रक्रिया), अकबर, छत्रपति शिवाजी, स्थानीय स्वशासन, भारतीय संसदीय प्रणाली एक और दो, आधुनिक भारत में चुनाव एक, भारत में चुनावी प्रक्रिया का ब्यौरा शामिल है।
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इसकी सभी जानकारी 16 भाषाओं में मिलेगी। जिसमें हिंदी, अंग्रेजी, डच, बांग्ला, कोरियन,फ्रेंच, अरेबिक, जर्मन, चीनी, जापानी समेत अन्य हैं। यह जानकारियां कुल 45 से 50 मिनट की रहेंगी। जबकि प्रति जानकारी तीन से पांच मिनट तक है।
चंद्रयान जैसी उपलब्धियों को भी जगह
भारत के विकास की कहानी भी दुनिया देखेगी। यहां पर इंडिया ऑन द मूव लघु फिल्म में चंद्रयान-3 का सफर, कपास, दूध, ट्रैक्टर समेत जिन क्षेत्रों में भारत पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर दुनिया का प्रतिनिधित्व कर रहा है, उसे साढ़े तीन से चार मिनट के बीच दर्शाया जाना है। इसमें आजादी के 75 साल यानी अमृतकाल की झलक दिखेगी।
सिंधु-सरस्वती सभ्यता की नर्तकी की प्रतिमा होगी पेश
विदेशी मेहमान एंट्री करते ही नारी शक्ति से रूबरू होंगे। यहां पर पांच फीट ब्रांच की एक सिंधु-सरस्वती सभ्यता से जुड़ी एक कांसे की नर्तकी की प्रतिमा लगाई जा रही है। इसका वजन करीब 120 किलो है। यह हुबहू राष्ट्रीय संग्रहालय दिल्ली में रखी नर्तकी की कॉपी है, जो कि सिंधु -सरस्वती सभ्यता से जुड़ा है।
इसके माध्यम से दुनिया को पता चलेगा कि भारत में प्राचीन काल से नारी का सम्मान होता था। प्राचीन काल से नारी सम्मान, प्रशंशा, निर्णय लेने की आजादी, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल रही। प्रतिमा के नृत्य के माध्यम से उसके भावों और खुशियों को दर्शाया गया है। यह प्रतिमा घूमती दिखेगी, जोकि भारतीय पारंपरिक रंगोली पर खड़ा होगा।
2019 संसदीय चुनावी डेटा होगा पेश
डिजिटल वॉल में सबसे खास 2019 संसदीय चुनावी डेटा को पेश किया जाएगा। इसमें महिला, युवा मतदाता, सबसे अधिक उम्र के मतदाता, सबसे कम और अधिक मतदाता वाले क्षेत्र, लद्दाख के सियाचिन में शून्य से नीचे तापमान, गिर के जंगलों में शेरों के बीच मतदान की झलक दिखेगी। यह सारी डेटा इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के सौजन्य से लिया गया है। इसमें विदेशी मेहमान भारतीय मतदान एक महापर्व के रूप में देखेंगे। इसके अलावा उम्मीदवारों की जानकारियां भी मिलेंगी।