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Delhi NCR News: अस्पतालों में कैशलेस बिलिंग के लिए डिजिटल सिस्टम होगा लागू
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-डीजीईएचएस के तहत अस्पतालों को पैनल में शामिल करने के संबंध में एसओपी जारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार कर्मचारी स्वास्थ्य योजना (डीजीईएचएस) के तहत अस्पतालों में उपचार के लिए कैशलेस बिलिंग के लिए डिजिटल सिस्टम का लागू होगा। जिसके लिए अस्पतालों को हार्ड कॉपी के साथ-साथ सॉफ्ट कॉपी में भी बिल उपलब्ध कराने होंगे। यह कदम पारदर्शिता के लिए उठाया गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने दिल्ली सरकार कर्मचारी स्वास्थ्य योजना (डीजीईएचएस) के तहत अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को पैनल में शामिल करने के संबंध में संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसको लेकर महानिदेशालय ने कार्यालय ज्ञापन जारी किया है। इसके अनुसार आवेदक स्वास्थ्य सेवा संस्थान को अपने दावों/बिल की हार्ड कॉपी संबंधित सरकारी विभागों में जमा करनी होगी। जब डीजीईएचएस की कैशलेस बिल प्रक्रिया के लिए डिजिटल प्रणाली चालू हो जाएगी तो उन्हें सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहना होगा। स्वास्थ्य संस्थान पूरे वर्ष किसी भी समय आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद सात दिनों के भीतर निरीक्षण और अगले सात दिनों में रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य होगा।
संस्थानों को प्रारंभिक रूप से तीन वर्षों के लिए पैनल में शामिल होगा। पैनल में शामिल होने के बाद हर वर्ष निरीक्षण होगा, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। विभिन्न श्रेणियों के अस्पतालों के लिए दो लाख से 25 लाख रुपये तक की परफॉर्मेंस बैंक गारंटी निर्धारित की गई है। सभी अस्पतालों को डीजीईएचएस/सीजीएचएस द्वारा तय दरों पर ही उपचार देना होगा। अधिक शुल्क लेने पर कार्रवाई की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार कर्मचारी स्वास्थ्य योजना (डीजीईएचएस) के तहत अस्पतालों में उपचार के लिए कैशलेस बिलिंग के लिए डिजिटल सिस्टम का लागू होगा। जिसके लिए अस्पतालों को हार्ड कॉपी के साथ-साथ सॉफ्ट कॉपी में भी बिल उपलब्ध कराने होंगे। यह कदम पारदर्शिता के लिए उठाया गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने दिल्ली सरकार कर्मचारी स्वास्थ्य योजना (डीजीईएचएस) के तहत अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को पैनल में शामिल करने के संबंध में संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसको लेकर महानिदेशालय ने कार्यालय ज्ञापन जारी किया है। इसके अनुसार आवेदक स्वास्थ्य सेवा संस्थान को अपने दावों/बिल की हार्ड कॉपी संबंधित सरकारी विभागों में जमा करनी होगी। जब डीजीईएचएस की कैशलेस बिल प्रक्रिया के लिए डिजिटल प्रणाली चालू हो जाएगी तो उन्हें सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहना होगा। स्वास्थ्य संस्थान पूरे वर्ष किसी भी समय आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद सात दिनों के भीतर निरीक्षण और अगले सात दिनों में रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य होगा।
संस्थानों को प्रारंभिक रूप से तीन वर्षों के लिए पैनल में शामिल होगा। पैनल में शामिल होने के बाद हर वर्ष निरीक्षण होगा, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। विभिन्न श्रेणियों के अस्पतालों के लिए दो लाख से 25 लाख रुपये तक की परफॉर्मेंस बैंक गारंटी निर्धारित की गई है। सभी अस्पतालों को डीजीईएचएस/सीजीएचएस द्वारा तय दरों पर ही उपचार देना होगा। अधिक शुल्क लेने पर कार्रवाई की जाएगी।
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