Heat Stroke: डायबिटीज के मरीज हीट स्ट्रोक के हो सकते हैं शिकार, विशेषज्ञों की ये सलाह जरूर मानें
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिसिन विभाग में निदेशक और प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरी ने बताया कि बीते कुछ दिनों से तापमान में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में दिनभर धूप में रहने वाले लोगों में हीट एग्जॉशन (गर्मी से थकावट) और हीट स्ट्रोक (लू) की आशंका बढ़ जाती है।
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दिल्ली में हीट वेव का कहर जारी है। इसके चलते अस्पतालों में सिरदर्द, चक्कर आने, उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन के मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि अभी मरीजों की संख्या ज्यादा नहीं है। वहीं, डॉक्टर बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों को कड़ी धूप में बाहर न निकलने का परामर्श दे रहे हैं।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिसिन विभाग में निदेशक और प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरी ने बताया कि बीते कुछ दिनों से तापमान में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में दिनभर धूप में रहने वाले लोगों में हीट एग्जॉशन (गर्मी से थकावट) और हीट स्ट्रोक (लू) की आशंका बढ़ जाती है। हीट एग्जॉशन में पसीना, चक्कर आना, थकान और मांसपेशियों में ऐंठन जैसे लक्षण शामिल हैं, जबकि हीट स्ट्रोक के लक्षणों में शरीर का तापमान उच्च, बेहोशी, तेज सांस लेना, मानसिक भ्रम और हृदय गति बढ़ जाती है। हीट स्ट्रोक होने पर मृत्यु की दर अधिक है।
यह लोग ज्यादा सावधानी बरतें
डॉ. सुभाष गिरी ने बताया कि धूप में रहकर काम करने वाले लोग ज्यादा सावधानी बरतें। खासतौर पर मजदूर, रिक्शा चालक, सुरक्षाकर्मी और डिलीवरी मैन। ऐसे लोग हीट वेव की चपेट में आ सकते हैं। साथ ही डायबिटीज के मरीजों को भी खास एहतियात बरतने की जरूरत है। वह भी हीट स्ट्रोक का शिकार हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि डायबिटीज के मरीज का शुगर लेवल अधिक होने की वजह से बार-बार यूरिन की समस्या बनी रहती है। ऐसे में अगर वह धूप में जाकर काम करेगा, तो पसीना अधिक आने से शरीर में पानी की कमी होगी जो हीट स्ट्रोक की वजह बन सकती है। ऐसे में डायबिटीज के मरीज और बुजुर्ग भी बाहर निकलने को लेकर सावधानी बरतें।
अस्पताल में अभी एक मरीज भर्ती
गर्मी संबंधी बीमारी को लेकर डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में अभी तक एक मरीज भर्ती हुआ है। मरीज को उल्टी और दस्त की शिकायत है। ओपीडी और इमरजेंसी में गर्मी से बीमार होने को लेकर अभी कोई खास मरीज नहीं आ रहे हैं। स्वामी दयानंद अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ग्लैडबिन त्यागी ने बताया कि गर्मी की वजह से सिरदर्द, उल्टी, डिहाइड्रेशन, चक्कर आने के लक्षणों के साथ मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
हालांकि, उनकी अभी कोई ज्यादा संख्या नहीं है, मगर गर्मी को लेकर लोग सावधानी जरूर बरतें। दोपहर 12 बजे से लेकर शाम चार बजे तक के बीच बाहर न निकलें। बाहर निकलना पड़े तो आंखों पर चश्मा और सिर को किसी चीज से ढककर ही धूप में आना-जाना करें। अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें और हल्के रंगे के ढीले कपड़े पहनें।
दिल्लीवालों का घुट रहा दम, कल तक एक्यूआई नहीं होगा कम
राजधानी में आसमान साफ होने और तेज धूप की वजह से कुछ घंटों के लिए कुछ स्टेशनों पर ओजोन की मात्रा बढ़ने से वायु प्रदूषण और ज्यादा बढ़ गया है। ऐसे में बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 245 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है। इसमें मंगलवार की तुलना में 30 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि शुक्रवार तक हवा खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी, लेकिन शनिवार तक इसमें सुधार की उम्मीद है। ऐसे में लोगों को प्रदूषित हवा से राहत मिल सकती है।
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