'सनातन धर्म क्या है': धीरेंद्र शास्त्री ने किया पुस्तक का विमोचन, बोले- हमारा धर्म इंसान को इंसान बनाता है
दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने 'सनातन धर्म क्या है' पुस्तक का विमोचन किया। इस दौरान भाजपा के कई बड़े नेता भी मंच पर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म इंसान को इंसान बनाता है। धर्म धारणा का विषय, प्राण है।
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सनातन धर्म इंसान को इंसान बनाता है। धर्म धारणा का विषय, प्राण है। सभी धर्मों से सनातन धर्म सर्वोपरि है। इसका ज्ञान विशुद्ध है, जान लेना ज्ञान है और प्रकट करना विज्ञान है। लेकिन, अधिकतर युवाओं से लेकर बुजुर्गों को सनातन के सिद्धांत का पता नहीं है।
यह बातें बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में अपनी पुस्तक 'सनातन धर्म क्या है' के विमोचन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि अगर किसी का जीव हिंसा धर्म है, तो अहिंसा सनातन धर्म है। शास्त्री ने बताया कि यह पुस्तक उन्होंने दक्षिण राज्य में बीते छह माह पहले पांच दिन में भगवान हनुमान से मिली प्रेरणा से लिखी है। इसमें किसी की तुलना नहीं है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाकों में कथाओं में कई युवा व परिवार मिले, जिन्होंने अपना धर्म परिवर्तन करा लिया था। ऐसे में बच्चों को धर्म की शिक्षा देना बहुत जरूरी है। वह कहते हैं कि यह पुस्तक तब सार्थक होगी, जब हर बच्चे के बैग में यह होगी। इसकी शुरुआत मध्यप्रदेश से की जाएगी। जिसके बाद सभी राज्यों में इससे परीक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी।
इसका उद्देश्य युवाओं का चरित्र संवारना है। उन्होंने बताया कि पुस्तक ऊर्दू, पंजाबी, मराठी समेत सभी भाषाओं में अनुवाद की जाएगी। उन्होंने कहा कि हिंसा पर रोक लगनी चाहिए। मंदिर का पुनर्निमाण कराया जा रहा है। यह अच्छा संकेत है। ज्ञानवापी में नंदी निकल आए हैं, अब भगवान शंकर निकलने तय हैं।
सनातन धर्म के मंडन का विचार होना चाहिए : डॉ. सुधांशु त्रिवेदी
इस मौके पर सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि संत जीवंत तीर्थ माने जाते हैं। धर्म को लेकर बच्चे पूछते हैं, लेकिन कई अभिभावकों को पता ही नहीं होता। धर्म पढ़ना तो दूर, पलटा तक नहीं है। आज अगर सनातन के खंडन का विचार है, तो मंडन का विचार भी होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री सबसे युवा सनातन धर्म के प्रचारक हैं, जोकि संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। यह अमृत काल की पीढ़ी आने वाले सनातन धर्म का एक हजार वर्ष का इतिहास बनाएगी।
वहीं, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि केदारनाथ, बद्रीनाथ को बागेश्वर धाम ध्यान में लाए हैं। आस्था का सम्मान ही सनातन धर्म है। वर्तमान समय में लोग किताबों और अपने आप को भी पढ़ना भूल गए हैं। सनातन नहीं होगा, तो धर्मनिरपेक्षता, मानवता नहीं होगी। सनातन बीमारी नहीं इलाज है। राम विवाद नहीं समाधान है। इस दौरान सांसद मनोज तिवारी भी उपस्थित रहे।