DHFL Bank Fraud Case: हाईकोर्ट ने CBI से मांगी रिपोर्ट, DHFL लोन घोटाले से जुड़ा है मामला
DHFL Bank Fraud Case: सीबीआई के वकील ने याचिका पर प्रारंभिक आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आरोपी ने निचली अदालत को दरकिनार कर सीधे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
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करोड़ों रुपये के बैंक लोन घोटाले के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को सीबीआई को हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के पूर्व प्रमोटर कपिल वधावन की जमानत याचिका पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए।
न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह ने सीबीआई को याचिका की स्वीकार्यता पर उठाई गई आपत्तियों सहित विभिन्न पहलुओं पर 10 दिनों के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 7 नवंबर को होगी। सुनवाई के दौरान वधावन के वकील ने कहा कि सीबीआई ने 2022 में मामला दर्ज किया था। वह करीब 600 दिनों से हिरासत में हैं। वकील ने कहा, वधावन इस मामले में हिरासत में एकमात्र आरोपी बचे हैं। हाल ही में सह-आरोपी को भी जमानत दे दी गई है।
वधावन के वकील ने कहा कि क्योंकि याचिका पर विचार करने का क्षेत्राधिकार हाईकोर्ट के पास ही है। उन्होंने कहा कि आरोपी को पहले ट्रायल कोर्ट से जमानत मिल गई थी, जिसे हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया था।
पीएफआई नेता पुथनाथानी की जमानत याचिका पर एनआईए से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पूर्व राष्ट्रीय समन्वयक इब्राहिम पुथनाथानी की जमानत याचिका पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को नोटिस जारी किया है। वह पिछले दो वर्षों से हिरासत में है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति अमित शर्मा की पीठ ने एनआईए को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी। पुथनाथानी के वकील कार्तिक वेणु वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुए। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता पिछले दो सालों से हिरासत में है। पटियाला हाउस ने उनकी पिछली जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
उन्हें 2022 में गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले उन्हें जून, 2023 में 6 घंटे का कस्टडी पैरोल दिया गया था। अप्रैल 2022 में एनआईए ने उन पर आतंकवाद विरोधी कानून गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत एक आतंकी मामले में मामला दर्ज किया था। एनआईए ने उन पर और कई अन्य पीएफआई नेताओं पर आरोप पत्र दायर किया है। आरोप है कि आरोपियों ने देश में आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने की साजिश रची थी। वे कथित तौर पर आतंकी शिविर भी चला रहे थे।