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नोएडा: डीजीपी साहब... 17 हजार लोगों पर एक ट्रैफिककर्मी तो कैसे सुधरेगा यातायात
Thu, 02 May 2019 01:25 AM IST
देव कश्यप
मनोज कुमार, अमर उजाला, नोएडा
मनोज कुमार, अमर उजाला, नोएडा
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 02 May 2019 01:25 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली की तर्ज पर गौतमबुद्घ नगर और गाजियाबाद के लोगों को नियमों का पालन कराने के लिए मंगलवार को डीजीपी और प्रमुख सचिव परिवहन ने आला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। लेकिन जिले में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए मौजूद संसाधनों पर जोर नहीं दिया गया। अफसरों ने रिजल्ट तो मांगा है, लेकिन संसाधनों आश्वासन की बात कहकर चलते बने। जबकि आंकड़े बताते हैं कि जिले में औसतन 17 हजार लोगों पर एक यातायात पुलिस कर्मी की तैनाती है।
प्रदेश सरकार का सख्त निर्देश है कि गौतमबुद्घ नगर और गाजियाबाद के अलावा यूपी का वाहन चालक दिल्ली में प्रवेश करने से पहले सीट बेल्ट या हेलमेट का प्रयोग करता है। इसके विपरीत जब यूपी का वाहन चालक नोएडा या गाजियाबाद में प्रवेश करता है तो तुरंत ही सीट बेल्ट और हेलमेट हटाने लगता है। इस व्यवस्था को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को निर्देश दिए हैं। मंगलवार को ग्रेटर नोएडा में हुई बैठक में अफसरों ने सप्ताह में दो दिन अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। शासन सतर से सीट बेल्ट और हेलमेट डे के रूप में अभियान चलाने की घोषणा की जाएगी। अधिकारियों ने अभियान चलाने की बात तो कही है, लेकिन संसाधनों पर आश्वासन ही दिया।
बता दें कि दिल्ली में 3000 लोगों पर एक पुलिसकर्मी है और गौतमबुद्घनगर में 17 हजार लोगों पर एक यातायात पुलिसकर्मी की तैनाती है। जिले में एसपी ट्रैफिक समेत 163 अफसर-कर्मी हैं। इसी तरह परिवहन विभाग में प्रवर्तन के नाम पर दो एआरटीओ हैं जबकि उनके साथ भी पूरा स्टाफ नहीं है। इनमें से एक अधिकारी अक्सर आला अधिकारियों की बैठक और प्रोटोकॉल में ही व्यस्त रहता है। ऐसे में एक एआरटीओ और एक पीटीओ 35 लाख लोगों की जिम्मेदारी आ जाती है। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष संसाधन बहुत ही कम है। ऐसे में दिल्ली की तर्ज पर जिले में यातायात व्यवस्था को सुधारना बड़ी चुनौती है।
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पेट्रोल पंप एसोसिएशन से की जाएगी बात
दोपहिया वाहन स्वामियों को हेलमेट लगाने के लिए बाध्य करने में अधिकारी पेट्रोल पंप एसोसिएशन का साथ लेंगे। इसमें पेट्रोल पंप पर दोपहिया वाहन चालकों को बिना हेलमेट और चौपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट न लगाने पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। अधिकारी समय-समय पर इसकी निगरानी के लिए पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच करेंगे और लापरवाही पाए जाने पर उनका भी चालान करेंगे। साथ ही औचक निरीक्षण में पेट्रोल पंप पर भी वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदेश सरकार का सख्त निर्देश है कि गौतमबुद्घ नगर और गाजियाबाद के अलावा यूपी का वाहन चालक दिल्ली में प्रवेश करने से पहले सीट बेल्ट या हेलमेट का प्रयोग करता है। इसके विपरीत जब यूपी का वाहन चालक नोएडा या गाजियाबाद में प्रवेश करता है तो तुरंत ही सीट बेल्ट और हेलमेट हटाने लगता है। इस व्यवस्था को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को निर्देश दिए हैं। मंगलवार को ग्रेटर नोएडा में हुई बैठक में अफसरों ने सप्ताह में दो दिन अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। शासन सतर से सीट बेल्ट और हेलमेट डे के रूप में अभियान चलाने की घोषणा की जाएगी। अधिकारियों ने अभियान चलाने की बात तो कही है, लेकिन संसाधनों पर आश्वासन ही दिया।
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बता दें कि दिल्ली में 3000 लोगों पर एक पुलिसकर्मी है और गौतमबुद्घनगर में 17 हजार लोगों पर एक यातायात पुलिसकर्मी की तैनाती है। जिले में एसपी ट्रैफिक समेत 163 अफसर-कर्मी हैं। इसी तरह परिवहन विभाग में प्रवर्तन के नाम पर दो एआरटीओ हैं जबकि उनके साथ भी पूरा स्टाफ नहीं है। इनमें से एक अधिकारी अक्सर आला अधिकारियों की बैठक और प्रोटोकॉल में ही व्यस्त रहता है। ऐसे में एक एआरटीओ और एक पीटीओ 35 लाख लोगों की जिम्मेदारी आ जाती है। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष संसाधन बहुत ही कम है। ऐसे में दिल्ली की तर्ज पर जिले में यातायात व्यवस्था को सुधारना बड़ी चुनौती है।
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पेट्रोल पंप एसोसिएशन से की जाएगी बात
दोपहिया वाहन स्वामियों को हेलमेट लगाने के लिए बाध्य करने में अधिकारी पेट्रोल पंप एसोसिएशन का साथ लेंगे। इसमें पेट्रोल पंप पर दोपहिया वाहन चालकों को बिना हेलमेट और चौपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट न लगाने पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। अधिकारी समय-समय पर इसकी निगरानी के लिए पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच करेंगे और लापरवाही पाए जाने पर उनका भी चालान करेंगे। साथ ही औचक निरीक्षण में पेट्रोल पंप पर भी वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाएगी।