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गिरते पारे के बावजूद दिल्ली की सीमाओं पर किसान समर्थकों की संख्या में इजाफा
Sat, 26 Dec 2020 04:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 26 Dec 2020 04:00 AM IST
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सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन करते किसान
- फोटो : amar ujala
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एक तरफ पारा गिर रहा है तो दूसरी तरफ पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों से दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के पहुंचने का सिलसिला बढ़ रहा है। पिछले एक महीने से तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े किसानों के समर्थन में शुक्रवार को सिंघु बॉर्डर, गाजीपुर, टीकरी बॉर्डर सहित सभी सीमाओं पर ट्रैक्टर ट्रॉलियों में हजारों की संख्या में किसान पहुंचे।
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गाजीपुर बॉर्डर पर शुक्रवार शाम तक किसानों की संख्या में 5,000 की बढ़ोतरी हुई है। यहां किसानों की संख्या करीब 12,000 से अधिक हो गई। संयुक्त किसान मोर्चा का दावा है कि रात तक उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड से समर्थकों के आने से ये संख्या और बढ़ सकती है। दूसरी तरफ सिंघु बॉर्डर पर पहले ही 30-40 हजार किसान हैं। शुक्रवार को पंजाब से 100 से अधिक ट्रैक्टर सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे।
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वहीं, हरियाणा के कई हिस्सों से करीब 2,000 किसान आंदोलन का हिस्सा बने। टीकरी बॉर्डर पर भी शुक्रवार को किसानों की संख्या को देखकर, ऐसा लग रहा है कि यह आंदोलन तुरंत थमने वाला नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि किसानों की संख्या तीनों प्रदर्शन स्थलों पर हर दिन बढ़ रही है। बगैर अपनी मांगे पूरी करवाए किसान वापस नहीं लौटेंगे।
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आंदोलन स्थलों पर किसानों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए धरना स्थलों पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ट्रैक्टर ट्रॉली पर बिस्तर लगाने सहित इन्हें टेंट में तब्दील किया गया। ट्रॉलियों को कवर करने सहित कंबल और बिस्तर भी लगाए गए हैं।
सर्दी से बचने के लिए लकड़ियों का अंबार
सर्दी से बचाव के लिए दिल्ली की सीमाओं पर सूखी लकड़ियों का अंबार लग गया है। सिंघु बॉर्डर पर भी हरेक टेंट और ट्रॉली के साथ लकड़ियां रखी गईं ताकि सर्दी से बचने के लिए इनका इस्तेमाल किया जा सके। कुछ जगहों पर लकड़ियों से खाना भी तैयार किया जा रहा है। सर्दी से बचने के लिए अलाव जलाए जा रहे हैं।
आगे की रणनीति होगी तय
सरकार और किसानों के बीच अगली वार्ता के लिए अब तक तारीख तय नहीं हुई है। शनिवार को किसानों की बैठक के बाद हो सकता है कि सरकार को बिंदुवार प्रस्ताव भेजने पर भी निर्णय लिया जाए। बैठक के बाद किसान संगठन अगले दो दिनों की रणनीति भी साफ करेंगे। हरियाणा और पंजाब में भाजपा नेताओं को ज्ञापन सौंपने सहित टोल प्लाजा भी फ्री करवाए गए हैं।