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कोर्ट के फैसले के बावजूद खत्म नहीं होगी एक्सटेंशन में मुश्किलें

Fri, 15 May 2015 07:58 PM IST
अरविंद सिंह/अमर उजाला, नोएडा
अरविंद सिंह/अमर उजाला, नोएडा Updated Fri, 15 May 2015 07:58 PM IST
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Despite of  court order will not end the troubles in Noida Extension.

किसानों की जमीन वापसी की याचिका खारिज होने से सुप्रीम कोर्ट से ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत मिल गई है, मगर खरीदारों की दिक्कत अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है।

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सबसे बड़ी मुश्किल बिजली को लेकर है। यूपीपीसीएल और एनपीसीएल के बीच विवाद का खामियाजा यहां रहने के लिए आने वाले फ्लैट खरीदारों को भुगतना पड़ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब बिल्डर बचे हुए काम को पूरा कर फ्लैट खरीदारों को बहुत जल्द पजेशन देना शुरू कर देंगे। अगले दो साल में करीब दो लाख फ्लैटों में परिवार रहने लगेंगे। इन फ्लैटों को रोशन करने के लिए करीब 200 मेगावाट बिजली की जरूरत पड़ेगी।

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बिजली का मुद्दा बड़ी समस्या

Despite of  court order will not end the troubles in Noida Extension.

मौजूदा समय में इंफ्रास्ट्रक्चर केनाम पर 33 केवी के सिर्फ सबस्टेशन बने हुए हैं। निर्माण कार्यों के लिए बिल्डरों ने टंपरेरी कनेक्शन ले रखा है।

जबकि जरूरत के हिसाब से 220 केवी का एक और 132 व 33 केवी के 7-8 बिजलीघर बहुत जरूरी है तभी यहां रहने वालों की जरूरत पूरी हो सकेगी।

मगर दोनों कंपनियों के बीच आपसी विवाद के चलते ये इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित नहीं हो सका है। अब तक 33केवी के सिर्फ दो सबस्टेशन बने हुए हैं, जिनसे यहां रहने वालों की जरूरत पूरी नहीं हो सकती।

जानिए क्या है विवाद?

Despite of  court order will not end the troubles in Noida Extension.

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में यूपीपीसीएल और नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) विद्युत आपूर्ति करने की इच्छुक हैं। दोनों ही लाइसेंस पाने के लिए प्रयासरत भी हैं। यूपीपीसीएल का तर्क है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गांवों में पहले से विद्युतापूर्ति कर रहा है।

इसलिए सबसे पहले उसका हक है, जबकि एनपीसीएल ग्रेटर नोएडा में आपूर्ति कर रहा है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में उसे बिजली सप्लाई मिलनी चाहिए। यूपीपीसीएल ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिल्डरों को 21 और एनपीसीएल ने 13 अस्थायी कनेक्शन जारी किए हैं।

बता दें, कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट को लेकर तो अब विवाद हो रहा है, मगर ग्रेटर नोएडा में पैरलल लाइसेंस का मुद्दा कई वर्षों से चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट की बिजली से जुड़ी विंग इसकी सुनवाई भी कर रही है। यीपीपीसीएल ग्रेटर नोएडा में पैरलल लाइसेंस की मांग कर रहा है।

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ये हैं दोनों कंपनियों के दावे

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यूपीपीसीएल का दावा है कि अगर उसे लाइसेंस मिलता है तो सेक्टर-123 स्थित 400 केवी सबस्टेशन से ग्रेटर नोएडा वेस्ट को पर्याप्त बिजली दे देंगे, सिर्फ 33 केवी सबस्टेशन की जरूरत पड़ेगी, जो कि प्राधिकरण बनाकर देगा।

220 केवी सबस्टेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं, एनपीसीएल का कहना है कि आरसी ग्रीन स्थित 220 केवी सबस्टेशन से वेस्ट को बिजली दी जाएगी। इसकी दूरी करीब 25 किलोमीटर है। दोनों ही कंपनियां ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से संपर्क साधे हुए हैं।

अस्थायी कनेक्शन पर पजेशन
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बिल्डर अस्थायी कनेक्शन पर ही खरीदारों को पजेशन देने लगे हैं, जिससे खरीदारों को आने वाले समय में दिक्कत झेलनी पड़ सकती है। स्थायी कनेक्शन के लिए परेशान होना पड़ेगा। लोगों को पर्याप्त बिजली मिल पाने के आसार कम हैं।

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