दिवाली आते ही भारत में फिर सजा चाइनीज बाजार, बेअसर हुआ बहिष्कार
दिवाली को लेकर फिर सजा चाइनीज बाजार
- बहिष्कार के बाद भी चाइनीज उत्पादों की मांग पर नहीं पड़ा असर
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दिवाली को लेकर शहर में विभिन्न स्थानों पर फिर चाइनीज बाजार सजना शुरू हो गए हैं। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दिवाली की सजावट के लिए बाजारों में चाइनीज लड़ियां व तरह-तरह की लाइटें उपलब्ध हैं।
देशभर में चाइनीज उप्तादों के बहिष्कार को लेकर चलाई गई मुहिम के बाद भी बाजारों में चाइनीज उत्पादों की मांग कम नहीं हुई है। लाइट विक्रेताओं की मानें तो देशी उत्पादों की तुलना बाजार में इनकी खरीद पर कोई असर नहीं पड़ा है।
तरह-तरह के चाइनीज उत्पाद बाजारों में ग्राहकों को लुभा रहे हैं। घर की दीवारों को सजाने के लिए रंग-बिरंगी एलईडी लड़ियां उपलब्ध हैं। 5 मीटर वाली एलईडी झालर की कीमत 25 से 30 रुपये व 7 मीटर वाली एलईडी झालर 50 रुपये में बिक रही है। जिसकी कीमत किसी भी देशी उत्पाद से कम है।
भगवान की आरती वाले गाने भी उपलब्ध
ग्राहकों को आकर्षक करने के लिए लड़ियों के साथ-साथ डिस्को लाइट व लेजर लाइट भी बाजारों में उपलब्ध हैं। जिनकी कीमत 500 रुपये से 2 हजार रुपये तक तय की गई है। मोम से बनी मोमबत्ती व मिट्टी के दीयों की तुलना फैंसी इलेक्टॉनिक मोमबत्ती और दिए अपनी चमक बिखेर रहे हैं।
इसके अलावा भगवान की आरती के गानों वाले कई अन्य म्यूजिकल उत्पाद भी सस्ते दामों में बाजारों में उपलब्ध हैं। चाइनीज सामान सस्ता व आकर्षक होने के कारण लोगों का रुझान इनकी तरफ बढ़ता जा रहा है।
खरीदारों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता चाहे सामान देश में बना हो या चाइनीज हो । इसके चलते देशभर में चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार के लिए चलाई गई मुहिम का भी इस पर कोई असर नहीं पड़ रहा।