जलभराव पर उपमुख्यमंत्री ने बुलाई एजेंसियों की बैठक, चौबीस घंटे में मांगी रिपोर्ट
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राजधानी में बारिश के बाद जलभराव और ट्रैफिक की दिक्कत को देखते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्रैफिक पुलिस, लोक निर्माण विभाग, एमसीडी, डीएमआरसी समेत सभी एजेंसियों की बैठक बुलाई।
पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन और जलमंत्री कपिल मिश्रा की मौजूदगी में एजेंसी प्रतिनिधियों ने कहा कि सड़कों पर जलभराव रोकथाम के उपाय किए हैं। एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने बैठक के दौरान एक दूसरे पर दोषारोपण भी किया।
बैठक में ट्रैफिक पुलिस ने 29 जगह जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम की जानकारी दी है। उपमुख्यमंत्री ने ट्रैफिक पुलिस से इस पर अलग से रिपोर्ट मांगी है। मूलचंद अंडरपास में जलभराव को लेकर पीडब्ल्यूडी या अन्य एजेंसी ने कहा है कि वहां जलभराव की कोई दिक्कत नहीं हैं, जबकि ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि वहां पानी भरने से ट्रैफिक जाम रहता है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एजेंसियों के प्रतिनिधि संयुक्त निरीक्षण करके मंगलवार को रिपोर्ट सौंपे। जहां हालात खराब हैं और किसी एजेंसी की लापरवाही दिख रही है तो एसडीएम चालान करें।
ट्रैफिक पुलिस ने गिनवाएं जलभराव के 29 प्वाइंट
जलभराव को लेकर हेल्पलाइन नंबर 1077 चौबीस घंटे चालू है, लोग वहां शिकायत करें। उपमुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) फ्लाई ओवर के पास जलभराव को लेकर कहा है कि वहां नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन
कंपनी (एनबीसीसी) निर्माण कर रहा है। जिसके कारण वहां जलभराव हो रहा है। साउथ एक्स्टेंशन में जलभराव को लेकर पीडब्ल्यूडी ने कहा है कि सभी नाले साफ किए हैं। कोर्ट में शपथपत्र भी दिया है।
डीएमआरसी यहां निर्माण कर रहा है जिस कारण यहां दिक्कत है। सरिता विहार अंडरपास को लेकर बात सामने आई कि डीडीए इस अंडरपास को हैंडओवर करना चाहता है जबकि पीडब्ल्यूडी बिना पानी निकासी इंतजाम के इसे लेना नहीं चाहता।
निर्माण कार्य से हो रही परेशानी
राजधानी में मानसून सीजन की शुरुआत 1 जून से शुरू होने के साथ ही खुदाई पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है, लेकिन अभी तक एजेंसियां खुदाई कर रही हैं। निर्माण के कारण सड़क से नालों में पानी निकासी के रास्ते बंद हैं। डीएमआरसी के निर्माण कार्य के कारण तमाम जगह जलभराव की दिक्कत है।