{"_id":"5e3c99828ebc3ee590709b90","slug":"demonstration-of-farmers-at-greno-authority-office","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रेनो प्राधिकरण कार्यालय पर किसानों का हल्ला बोल, बड़े आंदोलन की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रेनो प्राधिकरण कार्यालय पर किसानों का हल्ला बोल, बड़े आंदोलन की चेतावनी
Fri, 07 Feb 2020 04:26 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 07 Feb 2020 04:26 AM IST
विज्ञापन
किसानों का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
10 फीसदी आबादी के प्लॉट देने, बैकलीज कराने व प्रभावित किसान परिवार के युवाओं को रोजगार देने की मांग करते हुए बड़ी संख्या में किसान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के गेट पर पहुंच गए। बृहस्पतिवार सुबह पहुंचे किसानों ने जमकर हंगामा किया।
विज्ञापन
मौके पर किसानों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की भी हुई। बाद में किसान गेट के सामने धरना पर बैठ गए। किसानों ने मुख्यमंत्री और मुख्य कार्यपालक अधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन महाप्रबंधक समाकांत श्रीवास्तव को सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें जल्दी नहीं मानी गईं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान प्राधिकरण गोलचक्कर पर एकत्र हुए। इसमें महिलाएं भी शामिल थी। वहां से जुलूस के रूप में किसान प्राधिकरण पहुंचे। प्राधिकरण पर भारी संख्या में तैनात पुलिस बल ने किसानों को बीच में ही रोकने का प्रयास किया। मगर किसान पुलिस को पीछे धकेलते हुए प्राधिकरण के गेट पर धरने पर बैठ गए।
विज्ञापन
धरने की अध्यक्षता किसान सभा के संरक्षक दीपचंद नेताजी और संचालन हरेंद्र खारी ने किया। किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर, सह संयोजक वीर सिंह इंजीनियर, उपाध्यक्ष सूबेदार ब्रह्मपाल, रणवीर मास्टरजी, वीरसेन नागर, राजकुमार भाटी एवं अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव एनके शुक्ला ने संबोधित किया। सभा के प्रवक्ता रूपेश वर्मा ने कहा कि प्राधिकरण किसानों की मांगों पर गंभीर नहीं है।
10 फीसदी आबादी के प्लॉट को लेकर कार्रवाई की जानी अपेक्षित है, लेकिन सरकार किसानों की समस्याओं का संज्ञान नहीं ले रही है। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को शीघ्र पूरा न किया गया तो और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।