Delhi: नहर में भगवान गणेश की मूर्ति विसर्जन करने की मांग, आरडब्ल्यूए ने की ये अपील
दिल्ली के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) ने इस बार नहर में भगवान गणेश की मूर्ति विसर्जन करने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने बिरला मंदिर की वाटिका के मध्य उत्तर - दक्षिण में स्थित कुश्क नहर में मूर्ति विसर्जन का प्रस्ताव रखा है।
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दिल्ली के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) ने इस बार नहर में भगवान गणेश की मूर्ति विसर्जन करने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने बिरला मंदिर की वाटिका के मध्य उत्तर - दक्षिण में स्थित कुश्क नहर में मूर्ति विसर्जन का प्रस्ताव रखा है।
इसके लिए उन्होंने उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और नई दिल्ली डीएम और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) चेयरपर्सन से अपील की है। वहीं, पिछले वर्ष उन्होंने कॉलोनी के भीतर तालाब बनाकर मूर्तियों को विसर्जित किया था। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस वर्ष भी यमुना में मूर्ति विसर्जन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इसके अलावा झीलों, जोहड़ों और नहरों में भी मूर्ति विसर्जन ना करने की हिदायत दी है। ऐसा करने पर 50 हजार के जुर्माना का प्रावधान है। ऐसे में दिल्ली के आरडब्ल्यूए मूर्ति विसर्जन के लिए नए विकल्प ढूंढ रहे हैं।
नई दिल्ली आरडब्ल्यूए फेडरेशन राजधानी नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रीतम धारीवाल ने बताया कि बिरला मंदिर के अंदर एक ऐसी नहर है, जिसमें हमेशा पानी का प्रवाह नहीं होता, इसलिए इसके अंदर पानी भरकर मूर्तियों का विसर्जन किया जा सकता है।
वहीं, विक्रम नगर आरडब्ल्यूए के सचिव मुन्नी लाल ने बताया कि उन्होंने कॉलोनी में मूर्ति विसर्जन के लिए अलग से कृत्रिम तलाब बनाने की योजना बनाई है। इसमें ही श्रद्धालु मूर्ति विसर्जित करेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों से भी अपील की जा रही है वह नदी को स्वच्छ बनाने के लिए अपना योगदान दें। इसी तरह इंद्रपुरी आरडब्ल्यूए के सचिव ओम प्रकाश बैरवाल ने कहा कि वह लोगों से अपील कर रहे हैं।
आम लोगों और आरडब्ल्यूए के लिए गाइडलाइन
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गणेश पूजा और दुर्गा पूजा आदि में पीओपी की मूर्ति का विसर्जन जोहड़ों, झीलों, तालाबों व नदियों में न करने को हिदायत दी हैं। बोर्ड ने गाइडलाइन दी है कि जहां तक संभव हो, मूर्ति विसर्जन टब या बाल्टी में करें। पूजा के सामान जैसे फूल, सजावटी सामान विसर्जन से पहले मूर्ति से हटा लें।