नेताओं ने बढ़ाई बाउंसरों की मांग, ओबामा बने रोड़ा
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दिल्ली विधानसभा चुनाव का ऐलान होते ही नेताओं को सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। वह अपने आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बाउंसरों की डिमांड करने लगे हैं। उनकी पहली पसंद गुड़गांव के बाउंसर हैं।
इसके लिए वह एजेंसियों से संपर्क कर रहे हैं। हालांकि, वहां कानून-व्यवस्था की जटिलताओं को चलते गुड़गांव के बाउंसरों को भेजने में परेशानी आ रही है।
सात फरवरी को दिल्ली विधानसभा का चुनाव है। इससे पहले नेताओं को रैलियों, नुक्कड़ सभाओं व जनसंपर्क के लिए लोगों के बीच जाना होता है। ऐसे में भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कई शरारती तत्व नेताओं के ऊपर अक्सर छोटे-बड़े हमले कर देते हैं।
बाउंसर पर टिकी नेताओं की सुरक्षा
ऐसे में दिल्ली के नेता सुरक्षा का विशेष ख्याल रखते हैं। हर वक्त प्राइवेट सिक्योरिटी साथ लेकर चलते हैं। इसके अलावा बाउंसर भी हायर करते हैं। वहीं गुड़गांव में बाउंसर प्रदान करने वाली दर्जन भर से अधिक एजेंसियां हैं।
यहां के एजेंसी संचालकों का कहना है कि दिल्ली से उनके पास फोन आने भी लगे हैं। मगर दिल्ली पुलिस की सख्ती को देखते बाउंसरों की आपूर्ति आसान नहीं है।
गुड़गांव की राम क्रिएशन सिक्योरिटीज के संचालक विशाल शर्मा का कहना है कि अब तक उनके पास दिल्ली से कई लोगों के फोन आ चुके हैं। सभी इसके बारे में पूछताछ करने लगे हैं।
ओबामा के चलते हो रही मुश्किल
शर्मा बताते हैं कि कई लोगों ने रेट के बारे में जानकारी ली है। नेताओं को चुनाव की घोषणा के साथ ही बाउंसर चाहिए। मगर गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के तौर पर आने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति के आगमन को लेकर वहां की सिक्योरिटी काफी टाइट हो गई है।
फिलहाल 26 जनवरी से पहले वहां बाउंसरों को भेजना काफी मुश्किल है। इसके लिए नेताओं को दिल्ली पुलिस की अनुमति लेनी होगी।
विशाल शर्मा ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर के लिए प्रति बाउंसर 1500-2000 रुपये का रेट है। यही रेट गुड़गांव में हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान भी था।