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राजधानी में भीषण गर्मी में बढ़ी बिजली की मांग, टूटा गए सारे रिकॉर्ड
Tue, 02 Jul 2019 08:34 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 02 Jul 2019 08:34 AM IST
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बढ़ती गर्मी में बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है। इस बार अभी तक के सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं। सोमवार दोपहर बाद 3:29 बजे बीएसईएस और टाटा पावर इलाके में 7 हजार मेगावाट से भी अधिक डिमांड पहुंच गई। दिल्ली के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब बिजली की मांग 7241 मेगावाट तक पहुंची।
पिछले साल अधिकतम डिमांड 7016 मेगावाट तक पहुंची थी। इस साल अधिकतम 7400 मेगावाट बिजली की मांग का अनुमान लगाया गया है। इसकी पूर्ति के लिए अन्य राज्यों के साथ भी बिजली कंपनियों ने करार किया है।
बिजली कंपनियों के अधिकारियों का कहना है दिल्ली वाले 2002 के मुकाबले 2019 (1 जुलाई तक) 250 प्रतिशत अधिक बिजली की खपत कर रहे हैं। 2002 में महज 2879 मेगावाट बिजली की खपत पूरी दिल्ली में थी।
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पिछले साल 10 जुलाई को बिजली की अधिकतम मांग 7016 मेगावाट तक पहुंची। 2017 में डिमांड 6526 मेगावाट थी। यह राजधानी में बिजली वितरण और संचारण प्रणाली की मजबूती को बताती है। हालांकि, मांग बढ़ने के कारण उत्तम नगर, पालम, नजफगढ़ आदि इलाकों में आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
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पिछले साल अधिकतम डिमांड 7016 मेगावाट तक पहुंची थी। इस साल अधिकतम 7400 मेगावाट बिजली की मांग का अनुमान लगाया गया है। इसकी पूर्ति के लिए अन्य राज्यों के साथ भी बिजली कंपनियों ने करार किया है।
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बिजली कंपनियों के अधिकारियों का कहना है दिल्ली वाले 2002 के मुकाबले 2019 (1 जुलाई तक) 250 प्रतिशत अधिक बिजली की खपत कर रहे हैं। 2002 में महज 2879 मेगावाट बिजली की खपत पूरी दिल्ली में थी।
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पिछले साल 10 जुलाई को बिजली की अधिकतम मांग 7016 मेगावाट तक पहुंची। 2017 में डिमांड 6526 मेगावाट थी। यह राजधानी में बिजली वितरण और संचारण प्रणाली की मजबूती को बताती है। हालांकि, मांग बढ़ने के कारण उत्तम नगर, पालम, नजफगढ़ आदि इलाकों में आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
बिजली कंपनियों ने आपूर्ति करने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने का दावा किया है। बिजली की मांग का अनुमान लगाने की भी पूरी व्यवस्था की गई है। उल्लेखनीय है कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग अचानक बढ़ती है।
बारिश अगर देरी से हुई तो बिजली की मांग अगस्त तक बढ़ी रहेगी। 12 जून को राजधानी में बिजली का पीक डिमांड 6904 मेगावाट स्तर तक पहुंची थी तो 10 जून को पीक डिमांड 6632 मेगावाट स्तर तक पहुंची। 2 जून को बिजली की मांग 6396 मेगावाट स्तर तक पहुंची थी। दिल्ली में बिजली की मांग मुंबई, चैन्नई और कोलकाता की अपेक्षा काफी अधिक है।
बिजली की कब कितनी मांग रही
. 10 जुलाई 2018 को अधिकतम मांग 7016 मेगावाट तक पहुंची थी।
. 6 जून 2017 को अधिकतम मांग 6526 मेगावाट तक पहुंची थी।
. 1 जुलाई 2016 को अधिकतम मांग 6261 मेगावाट तक पहुंची थी।
. 19 जून 2015 को अधिकतम मांग 5846 मेगावाट तक पहुंची थी।
. 15 जुलाई 2014 को अधिकतम मांग 5925 मेगावाट तक पहुंची थी।
. 6 जून 2013 को अधिकतम मांग 5653 मेगावाट तक पहुंची थी।
बारिश अगर देरी से हुई तो बिजली की मांग अगस्त तक बढ़ी रहेगी। 12 जून को राजधानी में बिजली का पीक डिमांड 6904 मेगावाट स्तर तक पहुंची थी तो 10 जून को पीक डिमांड 6632 मेगावाट स्तर तक पहुंची। 2 जून को बिजली की मांग 6396 मेगावाट स्तर तक पहुंची थी। दिल्ली में बिजली की मांग मुंबई, चैन्नई और कोलकाता की अपेक्षा काफी अधिक है।
बिजली की कब कितनी मांग रही
. 10 जुलाई 2018 को अधिकतम मांग 7016 मेगावाट तक पहुंची थी।
. 6 जून 2017 को अधिकतम मांग 6526 मेगावाट तक पहुंची थी।
. 1 जुलाई 2016 को अधिकतम मांग 6261 मेगावाट तक पहुंची थी।
. 19 जून 2015 को अधिकतम मांग 5846 मेगावाट तक पहुंची थी।
. 15 जुलाई 2014 को अधिकतम मांग 5925 मेगावाट तक पहुंची थी।
. 6 जून 2013 को अधिकतम मांग 5653 मेगावाट तक पहुंची थी।