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Delhi: प्राकृतिक चिकित्सा आयोग चिकित्सा विधेयक 2023 लागू करने की मांग तेज, राष्ट्रीय महाधिवेशन का आयोजन

Tue, 19 Nov 2024 03:06 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 19 Nov 2024 03:06 AM IST
सार

आयुष मंत्रालय के सहयोग से सूर्या फाउण्डेशन व इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन ने तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में 7वें प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय महाधिवेशन का आयोजन किया।

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Demand for implementation of Naturopathy Commission Medical Bill 2023 intensifies in Delhi
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल - फोटो : एएनआई-फाइल फोटो

विस्तार

राष्ट्रीय योग प्राकृतिक चिकित्सा आयोग चिकित्सा विधेयक 2023 को जल्द लागू करने की मांग तेज हो गई है। आयुष मंत्रालय के सहयोग से सूर्या फाउण्डेशन व इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन ने तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में 7वें प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय महाधिवेशन का आयोजन किया। इसका उद्घाटन केंद्रीय कानून व न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने किया। उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धति के लिए राष्ट्रीय आयोग का जो बिल रुका हुआ है, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही पास करवा सकते हैं। इससे पहले उन्होंने नारी वंदन बिल को संसद में पास करवाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस बिल को जल्द पास करवाया जाएगा।

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वहीं ऑनलाइन माध्यम से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के विकास एवं अनुसंधान के कार्य को निरंतर आगे बढ़ा रही है। ऑनलाइन माध्यम से आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि महात्मा गांधी स्वस्थ रहने के लिए प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाते थे। 78 वर्ष पूर्व आज ही के दिन गांधी जी द्वारा 1946 में पुणे में ऑल इंडिया नेचर क्योर फाउण्डेशन ट्रस्ट की स्थापना की गई थी। आज उसी स्थान पर निसर्ग ग्राम के नाम से पुणे में 250 बेड का अस्पताल बनाया गया है। कार्यक्रम में फाउंडेशन के अध्यक्ष पद्मश्री जयप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा की प्रैक्टिस करने वाले हर डाक्टर को स्वयं पहले इसे अपनाना होगा उसके बाद वो रोगियों को इस पद्धति से स्वास्थ्य लाभ दे पायेंगे। उन्होंने कहा कि हर प्राकृतिक चिकित्सक को सप्ताह में एक बार जल चिकित्सा, उपवास चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा एवं फलाहार करना चाहिए।
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मेडिकल बिल-2023 के माध्यम से हो डॉक्टरों का पंजीकरण : डॉ. अनंत
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनंत बिरादार ने कहा कि सभी हितधारकों के सुझावों को सम्मलित कर नेशनल कमीशन आफ योग नेचुरौपैथी मेडिकल बिल-2023 जल्द लागू होना चाहिए। इसके माध्यम से ही सभी नेचुरोपैथी डाक्टरों का पंजीकरण होना चाहिए। योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को आयुष्मान भारत योजना में भी शामिल किया जाना चाहिए। महाधिवेशन में आचार्य लोकेश मुनि भी उपस्थित रहे। महाधिवेशन में पंचमशाली पीठ के जगतगुरू वचनानंद स्वामी ने कहा कि नैचुरोपैथी आज विश्व के 106 देशों में उपचार के रूप में अपनाई जा रही है। इस मौके पर सात लोगो को सम्मानित किया गया।

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