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किसान संसद में एमएसपी की गारंटी की उठी मांग

Fri, 06 Aug 2021 04:56 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Fri, 06 Aug 2021 04:56 PM IST
सार

  • सभी फसलों के लिए लागू हो लाभकारी मूल्य

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Demand for guarantee of MSP arose in Kisan Sansad
जंतर-मंतर पर लगाई गई किसान संसद - फोटो : amar ujala

विस्तार

किसान संसद में लाभकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गहन मंथन किया गया। मौजूदा प्रावधानों में संशोधन के साथ किसान हित को ध्यान में रखते हुए एक विधेयक पेश करने का प्रस्ताव किसान संसद में पारित किया गया। सभी फसलों के लिए इसे कानूनी दर्जा देने की भी सदस्यों ने मांग उठाई। इस मौके पर तीन कृषि अर्थशास्त्री और नीति विश्लेषक भी सदन के अतिथि के तौर पर शामिल हुए।
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किसान संसद ने केंद्र सरकार की ओर से फसल पर लागत की गणना के संबंध में मौजूदा स्थित पर चर्चा की। सदस्यों ने कहा कि फसल की लागत को कम दिखाया जा रहा है, इसलिए सर्वेक्षण में सुधार जरूरी है। सदस्यों ने एमएसपी की घोषणा के लिए केंद्र की ओर से गलत लागत अवधारणाओं के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए इसकी निंदा की। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को नजरअंदाज पर फॉर्मूला में बदलाव किसानों की हितों की अनदेखी का नाम दिया। सदस्यों ने कहा कि कई कृषि उत्पाद ऐसे हैं, जिनके लिए एमएसपी घोषित नहीं है। कुछ फसलों पर घोषित एमएसपी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के लिए तंत्र के बिना अर्थहीन है।
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सरकार पेश करे विधेयक  
किसान संसद ने केंद्र सरकार को तत्काल एक विधेयक पेश करने का निर्देश देते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। इसमें लागत गणना, एमएसपी फॉर्मूला और गारंटीकृत एमएसपी संचालन पर मौजूदा हालात को शामिल किया गया। ऐसे क़ानून में सभी कृषि फसलों और किसानों को शामिल किया जाना चाहिए। किसान संसद ने केंद्र सरकार को प्रत्येक राज्य में विभिन्न उपजों के लिए पिछले पांच वर्षों के सर्वोच्च स्तर पर खरीद के स्तर की रक्षा और वृद्धि करने के निर्देश दिए।
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व्हीप का पालन न करने वाली पार्टियों पर है किसानों की नजर
संयुक्त किसान मोर्चा ने संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से सांसदों को जारी %पीपुल्स व्हिप% के बारे में तमाम राजनीतिक दलों और उनके सांसदों का संज्ञान ले रहा है। मोर्चा का कहना है कि यह देखा गया है कि बीजद, टीआरएस, वाईएसआरसीपी, एआईएडीएमके, टीडीपी और जदयू जैसी पार्टियां कई विधेयकों पर बहस में भाग लेकर व्हिप की आवेह्लना की है। मोर्चा उनके जनविरोधी रवैये के खिलाफ चेतावनी देते हुए सभी पार्टियों को व्हीप को याद दिलाया।


किसान संसद में पारित हुए प्रस्ताव
  • केंद्र सरकार को एक विधेयक पेश करने का निर्देश
  • राष्ट्रीय किसान आयोग की ओर से सी-2 पर कम से कम 50 फीसदी से अधिक लाभकारी मूल्य
  • सभी किसानों के लिए लाभकारी एमएसपी को जमीन पर लाने
  • सभी किसानों के लिए लाभकारी एमएसपी की कानूनी गारंटी के रूपात्मकता/ तौर-तरीकों में कुछ बिन्दुओं को शामिल किया जाए
  • केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को किसान आयोग की रिपोर्ट (स्वामीनाथन आयोग) की प्रगतिशील सिफारिशों को कृषि भूमि के अधिग्रहण की रोकथाम, किसान आयोग की रिपोर्ट में किसानों की परिभाषा के अनुसार सभी किसानों की पहचान, किसानों को पेंशन,  प्रभावी एवं पर्याप्त फसल बीमा, जोखिमों के लिए सभी किसानों को आपदा मुआवजा देने की सिफारिश की।
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