दिल्ली की तर्ज पर अघोषित पावर कट पर मुआवजे की मांग
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प्रदेश में अघोषित पावर कट का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। जिससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी हो रही है। गुड़गांव में भी पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी में पावर कट ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
इसे देखते हुए आम आदमी पार्टी ने अघोषित पावर कट पर उपभोक्ताओं को दिल्ली की तर्ज पर मुआवजा देने की मांग की है। आम आदमी पार्टी हरियाणा इकाई के मुख्य प्रवक्ता आरएस राठी ने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन को इस मामले में पत्र लिखा है।
इसमें उन्होंने मांग की है कि प्रदेश में लगातार हो रही बड़े पैमाने पर बिजली कटौती का बिजली अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है। वह इसके समाधान की दिशा में कुछ पहल नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं के प्रति लापरवाही का रवैया बरत बिजली कंपनियों के खिलाफ कड़े कदम उठाएं हैं। निर्धारित समय से अधिक कट लगने व अन्य अवरोधकों पर उपभोक्ताओं को मुआवजा देने के निर्देश दिल्ली सरकार ने दिया है।
उपभोक्ताओं के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई हो
इसी प्रकार की कार्रवाई हरियाणा में भी होनी चाहिए। बिना कारण बताए घंटों की बिजली कटौती प्रदेश में की जा रही है। औद्योगिक क्षेत्र गुड़गांव जो प्रदेश में सबसे अधिक राजस्व देता है वह भी अघोषित पावर कट की मार झेल रहा है।
लोग जब इसकी शिकायत करते हैं तो उनकी सुनवाई नहीं होती है। आम आदमी पार्टी ने हरियाणा सरकार व एचईआरसी से मांग की है कि वह डीईआरसी की तर्ज पर उचित रखरखाव व उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान का माध्यम बनाये।
उपभोक्ताओं के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई हो। शिकायतों को निर्धारित समय के भीतर निपटाया जाए। शिकायतें प्राप्त करने के लिए कॉलोनाइजर इलाकों में वितरण कंपनी के अधिकारियों की नियुक्ति होनी चाहिए।
यदि बिजली कट स्थानीय प्रणाली व्यवस्था के चलते ठीक ना हो तो डीईआरसी की तर्ज पर एक से दो घंटे के लिए 50 रुपये और दो घंटे से 12 घंटे के लिए 100 रुपये डीएचबीवीएन व यूएचबीवीएनएल उपभोक्ताओं को बतौर मुआवजा भुगतान करें।