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Delhi NCR News: ड्रोन से बनेगा दिल्ली का सबसे सटीक डिजिटल नक्शा, विकास परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 07:05 PM IST
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सर्वे ऑफ इंडिया ने शुरू की हाई-रिजॉल्यूशन मैपिंग, 5 सेंटीमीटर तक सटीक होगा डिजिटल बेसमैप
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली जल्द ही देश के सबसे आधुनिक डिजिटल मैपिंग सिस्टम वाले शहरों में शामिल होने जा रही है। सर्वे ऑफ इंडिया ने 'दिल्ली लार्ज स्केल मैपिंग प्रोजेक्ट' के तहत राजधानी की हाई-रिजॉल्यूशन ड्रोन मैपिंग शुरू कर दी है। इस परियोजना के तहत करीब 1750 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का हवाई सर्वे किया जाएगा। इसके आधार पर ऐसा डिजिटल बेसमैप तैयार होगा, जिसकी सटीकता पांच सेंटीमीटर तक होगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह डिजिटल नक्शा भविष्य में सड़क, फ्लाईओवर, सीवर लाइन, ड्रेनेज, मास्टर प्लान, भूमि प्रबंधन और अन्य सरकारी विकास परियोजनाओं की योजना बनाने का साझा आधार बनेगा। इससे सभी सरकारी विभाग एक ही मानक और सटीक नक्शे का इस्तेमाल कर सकेंगे।
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परियोजना के तहत लगभग 1500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की ग्रिड आधारित और 250 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की पैच आधारित ड्रोन मैपिंग की जाएगी। अत्याधुनिक ड्रोन और नादिर कैमरों की मदद से ली गई तस्वीरों के आधार पर ऑर्थो रेक्टिफाइड इमेजरी (ओआरआई) और डिजिटल सरफेस मॉडल (डीएसएम) तैयार किए जाएंगे।
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ओआरआई तकनीक से भवन, सड़क, पार्क, नाले और अन्य ढांचों की वास्तविक स्थिति और सही माप दिखाई देगा। वहीं डीएसएम के जरिए जमीन, इमारतों और पेड़ों की ऊंचाई का त्रि-आयामी (3डी) स्वरूप उपलब्ध होगा। अधिकारियों ने बताया कि मैपिंग की ग्राउंड सैंपल डिस्टेंस अधिकतम पांच सेंटीमीटर होगी। यानी डिजिटल तस्वीर का हर पिक्सेल जमीन पर केवल पांच सेंटीमीटर क्षेत्र को दर्शाएगा। इससे तैयार होने वाला डेटा सामान्य सैटेलाइट तस्वीरों की तुलना में कहीं अधिक स्पष्ट और उपयोगी होगा। डिजिटल सरफेस मॉडल की ऊंचाई संबंधी सटीकता 25 सेंटीमीटर तक रखी गई है।
सभी विभागों के पास एक समान नक्शा होगा
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि राजधानी के सभी सरकारी विभागों के पास एक समान और अत्यधिक सटीक डिजिटल बेसमैप उपलब्ध होगा। फिलहाल कई विभाग अलग-अलग नक्शों और सर्वे के आधार पर काम करते हैं, जिससे योजनाओं में अंतर दिखाई देता है। नया बेसमैप बनने के बाद विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और विकास कार्यों की योजना अधिक सटीक तरीके से बनाई जा सकेगी।

परियोजनाओं की प्रगति का आकलन होगा सटीक
विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-रिजॉल्यूशन डिजिटल मैपिंग से शहरी नियोजन को नई मजबूती मिलेगी। इसके जरिए जलभराव वाले क्षेत्रों की वैज्ञानिक पहचान, भूमि उपयोग में होने वाले बदलाव की निगरानी और विकास परियोजनाओं की प्रगति का आकलन पहले की तुलना में अधिक तेज, सटीक और प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
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