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विवाहिता के पति की शिकायत पर महिला आयोग ने की कार्रवाई, पति-पत्नी को मिलाया
Sun, 30 Jun 2019 07:03 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 30 Jun 2019 07:03 PM IST
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दिल्ली महिला आयोग ने माता-पिता द्वारा घर में बंधक बनाई गई 21 वर्षीय युवती को मुक्त कराया है। युवती ने अपनी परिवार की मर्जी के खिलाफ दूसरी जाति के लड़के से शादी कर ली, जिस कारण उसके परिवार ने लड़की को घर में बंद कर लिया। विवाहिता के पति की शिकायत पर महिला आयोग ने कार्रवाई करते हुए पीड़िता को उसके माता-पिता के घर से मुक्त कराया।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाती मालीवाल ने कहा कि पीड़िता का पति ने कुछ समय पहले इस संबंध में महिला आयोग से शिकायत की। उसने बताया कि उसने 7 जून 2019 को अपने साथ पढ़ने वाली युवती से आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली
उसी दिन से उसके माता-पिता ने उसे घर में बंद कर लिया है। उसने बताया कि वह दोनों डीयू के एक ही कॉलेज में मिले थे और पिछले दो साल से एक दूसरे को जानते थे। इसी दौरान वे एक-दूसरे को पसंद करने लगे। लड़का मूल रूप से उत्तर-प्रदेश का रहने वाला है और लड़की मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली है।
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युवक ने बताया कि वह और उसकी पत्नी दोनों अलग-अलग जाति से संबंध रखते हैं और इसी के चलते उसकी पत्नी के पिता इस शादी के खिलाफ थे, इसलिए उन्होंने अपनी मर्जी से शादी कर ली।
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दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाती मालीवाल ने कहा कि पीड़िता का पति ने कुछ समय पहले इस संबंध में महिला आयोग से शिकायत की। उसने बताया कि उसने 7 जून 2019 को अपने साथ पढ़ने वाली युवती से आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली
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उसी दिन से उसके माता-पिता ने उसे घर में बंद कर लिया है। उसने बताया कि वह दोनों डीयू के एक ही कॉलेज में मिले थे और पिछले दो साल से एक दूसरे को जानते थे। इसी दौरान वे एक-दूसरे को पसंद करने लगे। लड़का मूल रूप से उत्तर-प्रदेश का रहने वाला है और लड़की मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली है।
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युवक ने बताया कि वह और उसकी पत्नी दोनों अलग-अलग जाति से संबंध रखते हैं और इसी के चलते उसकी पत्नी के पिता इस शादी के खिलाफ थे, इसलिए उन्होंने अपनी मर्जी से शादी कर ली।
युवक की शिकायत पर महिला आयोग की टीम लड़की को छुड़ाने के लिए उसके घर सागरपुर पहुंची। वहां लड़की के पिता के विरोध के बावजूद टीम ने पीड़िता को मुक्त कराया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ-मारपीट की गई और उसे एक कमरे में बंद रखा गया।
इस बीच टीम ने पीड़िता के पिता को भी समझाया कि उनकी बेटी अब कानूनी रूप से शादी-शुदा है और वह उसे अपने घर में बंद नहीं रख सकते। इसके बाद उसके पिता ने इस संबंध में विचार करने के लिए एक महीने का समय मांगा, लेकिन महिला आयोग की टीम ने पीड़िता को उसके पति के साथ भेज दिया।
इस संबंध में सागरपुर थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। शादीशुदा जोड़े की सुरक्षा के संबंध में महिला आयोग द्वारा पुलिस से आग्रह किया गया है।
इस बीच टीम ने पीड़िता के पिता को भी समझाया कि उनकी बेटी अब कानूनी रूप से शादी-शुदा है और वह उसे अपने घर में बंद नहीं रख सकते। इसके बाद उसके पिता ने इस संबंध में विचार करने के लिए एक महीने का समय मांगा, लेकिन महिला आयोग की टीम ने पीड़िता को उसके पति के साथ भेज दिया।
इस संबंध में सागरपुर थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। शादीशुदा जोड़े की सुरक्षा के संबंध में महिला आयोग द्वारा पुलिस से आग्रह किया गया है।