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महिला दरोगा ने किया ऐसा काम, फेसबुक पर पोस्ट लिखकर IG ने दी शाबाशी तो लोगों ने की वाहवाही

Mon, 17 Jul 2017 09:39 AM IST
Updated Mon, 17 Jul 2017 09:39 AM IST
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delhi woman sub inspector appraised by ig on facebook for helping old man to meet family
priyanka - फोटो : सोशल मीड‌िया

भारत में पुलिस के बारे में लोगों की धारणा कैसी है यह किसी से छिपा नहीं है। यहां अकसर ही विवादों के कारण सुर्खियों में रहने वाली पुलिस की एक महिला सुरक्षाकर्मी ने इन दिनों कुछ ऐसा कर दिया है जिसके बाद उसके अधिकारियों से लेकर हर कोई उसकी तारीफ कर रहा है।

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दरअसल महिला दरोगा जिनका नाम प्रियंका है ने 90 साल के एक वृद्ध को उनके नेत्रहीन बेटे से मिलाया। इस काम को लेकर यूपी वुमेंस सेल के आईजी नवनीत सिकेरा ने सोशल मीडिया पर प्रियंका की खूब तारीफ की है।
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असल में बात तब की है जब महिला दरोगा प्रियंका दिल्ली के मुख्यमंत्री के आवास पर तैनात थीं और उन्होंने एक बुजुर्ग को उनके परिवार से मिलाया। यह सब कैसे हुआ इसका पूरा किस्सा आईजी नवनीत सिकेरा ने अपने फेसबुक पोस्ट पर डाला है।

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आईजी नवनीत सिकेरा का पोस्ट

delhi woman sub inspector appraised by ig on facebook for helping old man to meet family
navneit sekera - फोटो : सोशल मीड‌िया
शाबाश प्रियंका 
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दिल्ली पुलिस में एक सब इंस्पेक्टर हैं प्रियंका। रविवार को मुख्यमंत्री निवास के पास इनकी ड्यूटी थी। प्रियंका को काफी परेशान हालत में एक बुजुर्ग घूमते दिखाई दिए। महिला पुलिसकर्मी ने जब बुजुर्ग से घूमने का कारण पूछा तो वह कुछ भी नहीं बता सके और बेहोश हो गए। होश में आने पर भी उन्हें कुछ याद नहीं था। इसके बाद उनके जेब की जब तलाशी ली गई तो पुलिसकर्मियों को डॉक्टर की एक पर्ची, रेल टिकट और कुछ रुपये मिले। पर्ची से मालूम हुआ कि बुजुर्ग का नाम 90 वर्षीय रामनाथ है। रेल का टिकट इटावा से आने वाली ट्रेन का था।

इसके बाद महिला सब इंस्पेक्टर ने डॉक्टर की पर्ची पर दर्ज नंबर पर फोन कर डॉक्टर से बात की। हुलिया बताने पर डॉक्टर ने बुजुर्ग को पहचान लिया और बताया कि वह मधुमेह के मरीज हैं। साथ ही डॉक्टर ने बुजुर्ग के गांव का नाम भी बताया जो कालपी के पास था। गांव के नाम के सहारे प्रियंका ने संबंधित थाने के पुलिस अधिकारियों से संपर्क साधा। इसके बाद बुजुर्ग के परिजनों से बात कर रविवार शाम को उन्हें परिजनों को सौंप दिया।

जांच में मालूम हुआ कि बुजुर्ग रामनाथ दिल्ली अपने नेत्रहीन बेटे से मिलने आए थे। उनका बेटा 50 वर्षीय नाथू राम दिल्ली के स्कूल में पढ़ाते हैं। बुजुर्ग 6 जुलाई को एक रिश्तेदार के साथ अपने बेटे से मिलने दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उनका बेटा नाथूराम उन्हें लेने आया था। इस दौरान बुजुर्ग बेटे से बिछड़ गए। इसके बाद वह पुरानी दिल्ली के विभिन्न इलाकों में तीन दिन तक भटकते रहे।
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