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न होगा कोयला न पानी का इस्तेमाल, अब हवा से बिजली बनाएगी दिल्ली सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 05 May 2017 10:01 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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दिल्लीवासियों को अब वायु से बनी बिजली भी मिलेगी। यह बिजली अन्य स्रोतों से बनने वाली बिजली से सस्ती होगी। नवंबर 2018 से 100 मेगावाट बिजली दिल्ली को मिलनी शुुरू हो जाएगी। इसके लिए बीएसईएस की राजधानी पावर लिमिटेड ने पावर ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (पीटीसी) से समझौता किया है।
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राजधानी पावर लिमिटेड के मुताबिक, समझौते के तहत दिल्लीवासियों को 18 नवंबर 2018 से यह बिजली मिलनी शुुरू हो जाएगी। यह समझौता 25 वर्षों के लिए किया गया है। दिल्ली को 100 मेगावाट बिजली 3.46 रुपये प्रति यूनिट की दर से मिलेगी।
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वायु से बनने वाली इस बिजली की दर देश में अब तक की सबसे सस्ती बिजली होने का दावा किया गया है। अब बीआरपीएल को कोयला आधारित व हाइड्रो पावर प्लांट्स के अलावा न्यूक्लियर प्लांट्स, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट्स, सोलर प्लांट्स तथा वायु पावर प्लांट से बिजली मिलेगी।
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तमिलनाडु और गुजरात में 1000 मेगावाट के विंड पावर प्रोजेक्ट्स लगाए जा रहे हैं। बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस की राजधानी और यमुना पावर लिमिटेड की ओर से गर्मी में बिजली किल्लत से निपटने के लिए पावर बैंकिंग की भी व्यवस्था की गई है। बिजली कंपनी ने कई राज्यों के साथ पावर बैंकिंग की व्यवस्था की है। इस गर्मी में बिजली की मांग 6600 मेगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है।