महंगाई से दिल्ली वालों की जेब फिर होगी ढीली
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दिल्ली वालों पर महंगाई की मार एक बार फिर पड़ने वाली है। होटलों में खाना, ठहरना तो महंगा होगा ही साथ ही सिनेमाघर, सैलून और ड्राई क्लीनिंग भी महंगी हो जाएगी।
दरअसल, दक्षिणी दिल्ली एमसीडी ने इसके लिए लाइसेंस शुल्क महंगा करने का फैसला लिया है। जिसके तहत हेल्थ ट्रेड लाइसेंसिंग शुल्क और पंजीकरण शुल्क में 10 से 20 गुणा बढ़ोतरी हो जाएगी।
एमसीडी की स्थायी समिति की बैठक में बैंक्वेट हॉल और कॉन्फ्रेंस हॉल के लिए एक बार पंजीकरण शुल्क पांच हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया।
होटलों का आराम होगा हराम
वार्षिक लाइसेंसिंग शुल्क 500 से बढ़ाकर 10 हजार कर दिया गया। इसी तरह स्थायी समिति ने कैंटीन, कॉफी हाउस और ढाबे के लिए पंजीकरण शुल्क पांच हजार से बढ़ाकर 10 हजार कर दिया है।
जबकि लाइसेंसिंग शुल्क एक हजार से बढ़ाकर पांच हजार रुपये किया गया है। थ्री स्टार होटल के लिए पंजीकरण शुल्क 10 से बढ़ाकर 15 हजार और लाइसेंसिंग शुल्क 500 से 10 हजार रुपये करने का फैसला लिया गया है।
फाइव स्टार होटलों के लिए पंजीकरण शुल्क 10 से बढ़ाकर 25 हजार और लाइसेंसिंग शुल्क 500 से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने का स्थायी समिति ने निर्णय लिया।
खाने का चुकाना होगा ज्यादा दाम
इसी तरह धर्मशाला और गेस्ट हाउस के लिए भी पंजीकरण और लाइसेंसिंग शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। 20 लोगों से अधिक व 50 लोगों के खाने की सीट तक के भोजनालय का पंजीकरण शुल्क 2500 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने का फैसला लिया गया है।
इसके लिए लाइसेंसिंग शुल्क 500 से बढ़ाकर 10 हजार किया गया है। 50 सीट से अधिक वाले भोजनालय का पंजीकरण शुल्क पांच से बढ़ाकर 20 हजार और लाइसेंसिंग शुल्क 500 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार किया गया।
जल्द ही प्रस्ताव को एमसीडी की अगली बैठक में औपचारिक रूप से पास किया जाएगा।
इन पर भी महंगाई की मार
बेकरी, बोतलबंद पानी, होजरी, आइसक्रीम, आटा-चक्की, मसाले, मिठाई व नमकीन निर्माण करने वाली औद्योगिक इकाइयों को भी कई गुणा पंजीकरण और लाइसेंसिंग शुल्क देना पड़ेगा।
सर्कस, सिनेमा हॉल, क्लब, जिम, तरणताल, सैलून, मसाज पार्लर, ड्राई क्लीनर के लिए भी पंजीकरण और लाइसेंसिंग शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला किया गया है।
सदन के नेता आशीष सूद के मुताबिक ट्रेड लाइसेंस शुल्क पुराने समय से चला आ रहा था। स्थायी समिति ने इसी शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। इस फैसले से आम लोगों पर ज्यादा महंगाई का बोझ नहीं पड़ेगा।