दिल्ली में पानी पर संग्राम: एलजी से जलमंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज करेंगे मुलाकात, हरियाणा भवन पर AAP का धरना
Delhi Water Crisis: उपराज्यपाल वी के सक्सेना से जलमंत्री आतिशी और मंत्री सौरभ भारद्वाज सोमवार को एलजी सचिवालय में मुलाकात करेंगे। लगातार दिल्ली सरकार हरियाणा पर कम पानी छोड़ने का आरोप लगा रही है। दिल्ली सरकार के आरोपों को हरियाणा सरकार खारिज कर चुकी है।
विस्तार
दिल्ली में पानी की समस्या को लेकर उपराज्यपाल वी के सक्सेना से जलमंत्री आतिशी और मंत्री सौरभ भारद्वाज 11 बजे एलजी सचिवालय में मुलाकात करेंगे। हरियाणा से कम पानी छोड़ने के मुद्दे पर मुलाकात होगी। वहीं दूसरी तरफ आज हरियाणा भवन के सामने धरना दिया जाएगा। जिसमें आप के कई बड़े नेता शामिल होंगे।
आप प्रवक्ता ने भाजपा को घेरा
आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि भाजपा को अपनी नकारात्मक राजनीति बंद कर देनी चाहिए। दिल्ली को उसके हिस्से का पानी मिलना ही चाहिए। सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है। कोर्ट ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार दिल्ली को 137 क्यूसेक पानी देने के लिए तैयार है। हरियाणा को केवल हथिनी कुंड बैराज से दिल्ली के वजीराबाद बैराज तक पानी जाने देना है।
दिल्ली के उपराज्यपाल पर आप का निशाना
हरियाणा सरकार ने दूसरे चैनल से दिल्ली को मिलने वाले 1050 क्यूसेक पानी में से 200 क्यूसेक पानी भी कम कर दिया है। दिल्ली के उपराज्यपाल को राजनीति छोड़ देनी चाहिए, क्योंकि वे भाजपा मुख्यालय के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। उनकी जवाबदेही दिल्ली की जनता के प्रति है। आज हरियाणा भवन के सामने धरना दिया जाएगा। जिसमें पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
#WATCH | Delhi: AAP National Spokesperson Priyanka Kakkar says, "BJP needs to stop its negative politics and release Delhi's share of water. SC has also directed that HP govt is ready to give 137 cusecs of water to Delhi. Haryana has to only allow that water to flow from the… pic.twitter.com/9JUiuUkat3
— ANI (@ANI) June 10, 2024
हिमाचल दिल्ली को पानी देने को तैयार
आप नेता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि 31 मई को दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी। बताया कि सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले पता चला कि हिमाचल प्रदेश सरकार के पास 137 क्यूसेक अतिरिक्त पेयजल है और वह इसे वापस नहीं ले सकती। दिल्ली को देने के लिए तैयार हैं। इसलिए सुप्रीम कोर्ट में हमने सिर्फ यही मांग की कि हरियाणा इस पानी को दिल्ली आने दे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिमाचल प्रदेश दिल्ली को 137 क्यूसेक अतिरिक्त पानी देने के लिए तैयार है। भाजपा की हरियाणा सरकार बिना किसी रुकावट के इस पानी को दिल्ली आने दे।
हरियाणा सरकार पर तंज
आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार क्या करती है? हिमाचल प्रदेश से आने वाला 137 क्यूसेक पानी रोक दिया। साथ ही दूसरे चैनल से दिल्ली आने वाले 1050 क्यूसेक पानी में से 200 क्यूसेक पानी भी कम कर दिया। उनकी नकारात्मक राजनीति का नतीजा यह है कि हरियाणा में भाजपा आधी रह गई है और जल्द ही खत्म हो जाएगी।
हरियाणा सरकार ने खारिज किए आरोप
दिल्ली सरकार के आरोपों को हरियाणा सरकार ने खारिज किया है। हरियाणा सरकार का कहना है कि वह दिल्ली को तय समझौते के तहत पानी दे रहे हैं। इसमें कोई कोताही नहीं की गई है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के पब्लिसिटी एडवाइजर तरुण भंडारी ने कहा, पानी को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में है।
जल संकट पर दिल्ली सरकार का दावा
दिल्ली सरकार का दावा है कि हरियाणा से दिल्ली को पानी नहीं मिल रहा है वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि आधे-अधूरे आंकड़े का हवाला देकर हरियाणा सरकार पर दोष मढ़ा जा रहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को लिखे गए पत्र के लिए जल मंत्री आतिशी की कड़ी निंदा की है।
आतिशी के आरोप पर भाजपा का जवाब
सचदेवा ने कहा है की आतिशी जल संकट को लेकर हरियाणा पर झूठा दोषारोपण करती रही हैं। आधे अधूरे आंकड़ों के आधार पर पत्र लिखकर आरोप लगा रही है। जल चोरी व पानी की बर्बादी को रोकने की बजाय केवल बयानबाजी की जा रही है। एक से आठ जून के बीच के दिल्ली जलबोर्ड के डाटा को सार्वजनिक किया।
एक जून को हरियाणा से 547 एमजीडी जल मिलना था। इससे कही अधिक 607 एमजीडी जल मिला। इसी तरह दो जून को को भी 607 एमजीडी, 3, 4,5,6, जून को हरियाणा से प्रत्येक दिन 613 एमजीडी जल मिला। जबकि सात-आठ जून को हरियाणा से दोनों दिन 623 एमजीडी जल मिला। दिल्ली जल बोर्ड के आंकड़ों से यह साफ है की हरियाणा सरकार से दिल्ली को लगातार पूरा जल मिल रहा है।
पानी पर हरियाणा सरकार को घेरा
दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार दिल्ली में पेयजल संकट पैदा करने का षड्यंत्र रच रही है। इस कड़ी में वह लगातार दिल्ली के हक का पानी रोक रही है। वह दिल्ली के हिस्से का पानी यमुना में कम छोड़ रही है जबकि सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में पानी की समस्या का समाधान करने का प्रयास कर रहा है। हरियाणा सरकार के इस कदम का उन्होंने शुक्रवार को वजीराबाद बैराज का निरीक्षण करने के दौरान विरोध किया।
हरियाणा हमारे हक का पानी नहीं दे रहा
इस मौके पर आतिशी ने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से दिल्ली के हक का पूरा पानी नहीं देने के कारण वजीराबाद बैराज का जलस्तर दो जून को 671.3 फीट था। वहीं सात जून को जलस्तर घटकर 669.7 फीट रह गया है। उन्होंने खुलासा किया कि दो जून को पानी का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने के बाद हरियाणा सरकार ने लगातार दिल्ली की ओर यमुना में पानी छोड़ना कम कर दिया है जबकि सुप्रीम कोर्ट दिल्ली के लोगों के पानी की समस्या का समाधान करने की कोशिश कर रहा है इसलिए सुप्रीम कोर्ट लगातार इस मामले की सुनवाई कर रहा है।
कई इलाकों में पानी की किल्लत
उन्होंने कहा कि दिल्ली अपनी पूरी पानी की आपूर्ति के मामले में यमुना नदी पर निर्भर है। यमुना में हरियाणा से छोड़े जाने वाला पानी ही आता है। इस पानी को दिल्ली जल बोर्ड वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला स्थित अपने जल शोधक संयंत्रों में साफ करके दिल्ली के करीब 30 प्रतिशत लोगों को मुहैया कराता है। मगर अब हरियाणा से पानी कम आने के कारण इन तीनों संयंत्रों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। वह पूरी क्षमता से नहीं चल रहे हैं और उनसे जुड़े इलाकों में पानी की किल्लत हो गई है और लोगों को भारी दिक्कत हो रही है। वह पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं।
हरियाणा व यूपी के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखना बंद करें जलमंत्री-भाजपा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने जल मंत्री आतिशी की जल संकट के नाम पर राजनीति करने की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली में कच्चे पानी की कमी नहीं है क्योंकि हरियाणा और उत्तराखंड प्रतिदिन अत्यधिक पानी प्रदान कर रहे हैं जो दिल्ली जल बोर्ड के रिकॉर्ड से सत्यापित किया जा सकता है। सचदेवा ने कहा कि दिल्ली का जल संकट दो कारणों से है। आतिशी केंद्रीय जल मंत्री, हरियाणा के मुख्यमंत्री और दिल्ली के मुख्यमंत्री को जल संकट को लेकर पत्र लिख चुकी हैं।