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दिल्ली हिंसाः अस्पताल पर कब्जा कर छत से पथराव कर रहे थे उपद्रवी, डॉक्टर ने बयां किया खौफनाक मंजर
Sun, 01 Mar 2020 08:18 PM IST
Trainee Trainee
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Sun, 01 Mar 2020 08:18 PM IST
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पथराव
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चांदबाग में हिस्सा के दौरान उपद्रवियों ने अस्पताल को भी नहीं बख्शा था। यमुना विहार के सी ब्लॉक स्थित मोहन नर्सिंग होम पर उपद्रवियों ने पहले जमकर पत्थर बरसाए। इसके बाद अस्पताल पर कब्जा कर छत से गोलीबारी और पथराव करने लगे। अस्पताल के नजदीक हुई हिंसा में शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त की गाड़ी तक को उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया था।
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अस्पताल के डॉक्टर अनिल ने सोमवार के उस खौफनाक मंजर को बयां करते हुए कहा कि दोपहर में चांदबाग में सीएए का विरोध में हजारों की संख्या में लोग सड़क पर जमा थे। लोग विरोध में नारे लगा रहे थे।
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वहां मौजूद शाहदरा के पुलिस उपायुक्त अमित शर्मा व करीब पचास की संख्या में पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों से रास्ते से हटने की अपील कर रहे थे। उधर, उनके अस्पताल में रोजमर्रा की तरह ओपीडी में करीब 8 से 10 मरीज बैठे थे। जबकि पांच से सात मरीज अस्पताल में भर्ती थे।
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अस्पताल में करीब 30 की संख्या में कर्मचारी व पांच- छह डॉक्टर मौजूद थे। दोपहर करीब एक बजे प्रदर्शनकारी अस्पताल पर पथराव करने लगे। इससे अफरा-तफरी मच गई। डॉक्टर अनिल के मुताबिक लोग इधर- उधर भागकर अपना बचाव करने की कोशिश करने लगे। उपद्रवी काफी उग्र हो चुके थे और बाहर खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले करने लगे थे।
इसके बाद डॉक्टरों ने अस्पताल में मौजूद मरीजों को पीछे के रास्ते से निकलना शुरू कर दिया। तब तक उपद्रवी अस्पताल के पास पहुंच चुके थे। डॉक्टर और कर्मचारी अस्पताल को बिना बंद किए ही पीछे के रास्ते से निकलकर अपनी जान बचाई। उसके बाद उपद्रवी अस्पताल में घुस गए और छत पर कब्जा कर सामने पथराव व गोलीबारी करने लगे।