दिल्ली: बेटी को परेशान करने वाले मनचले को पिता ने मारा, दो दिन तक शव रखा छिपाकर, ठिकाने लगाने चला तो...
आरोप है कि संतोष हरी की 20 वर्षीय बेटी को पिछले तीन सालों से परेशान कर रहा था। बृहस्पतिवार रात को शराब के नशे में संतोष हरी के घर पहुंच गया था। वहां हंगामा करने पर गुस्से में हरी ने पहले संतोष को पीटा।
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वसंतकुंज नॉर्थ इलाके के महिपालपुर में एक मनचले युवक की एक शख्स ने गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद शव को दो दिन तक उसने बेसमेंट में छिपाकर रखा। शव को ठिकाने लगाते समय पुलिसकर्मियों ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। मृतक की शिनाख्त संतोष कुमार झा (25) के रूप में हुई है।
पुलिस ने हत्या के मामले में 41 वर्षीय आरोपी हरी (बदला हुआ नाम) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि संतोष हरी की 20 वर्षीय बेटी को पिछले तीन सालों से परेशान कर रहा था। बृहस्पतिवार रात को शराब के नशे में संतोष हरी के घर पहुंच गया था। वहां हंगामा करने पर गुस्से में हरी ने पहले संतोष को पीटा।
बाद में उसी के गमछे से संतोष की गला घोंटकर हत्या कर दी। शव को शनिवार तड़के ठिकाने लगाते हुए पुलिस ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। शनिवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त इंगित प्रताप सिंह शनिवार तड़के 4.09 बजे पीसीआर पर तैनात पुलिस कर्मियों ने एक ठेला-रिक्शा पर एक शख्स को लाश ले जाते हुए देखा। आरोपी को मौके पर पकड़कर मामले की सूचना वसंतकुंज नॉर्थ थाना पुलिस को दे दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस ए-ब्लॉक, गली नंबर-6, महिपालपुर पहुंची। वहां एक युवक का एक-दो दिन पुराना शव मिला। मृतक के एक हाथ में महाकाल का टैटू बना था। इसके अलावा उसकी जेब से एक आईजीआई एयरपोर्ट पार्किंग की एक रसीद मिली। उसके आधार पर पुलिस ने छानबीन शुरू की।
रिक्शा में लाश ठिकाने लगाने वाले हरी से भी पूछताछ होने लगी। लेकिन आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करने लगा। जांच के दौरान एक महिला वसंतकुंज नॉर्थ थाने में अपने बेटे की मिसिंग लिखाने के लिए पहुंची।
महिला को युवक की लाश दिखाई गई तो उसने उसकी पहचान अपने बेटे के रूप में की। मूलरूप से बिहार का रहने वाला पेशे से चालक मृतक संतोष अपनी मां के साथ गली नंबर-12, महिपालपुर में रहता था।
उधर पूछताछ में आरोपी हरी ने संतोष की हत्या की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि वह घर के पास ही एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है। आरोपी संतोष पिछले करीब तीन सालों से उसकी बेटी को परेशान कर रहा था। वह बाहर निकलने पर उसकी पीछा करता था। कई बार फोनकर परेशान करता था।
22 जुलाई की रात को शराब के नशे में संतोष उनके घर पहली मंजिल पर पहुंचा और हंगामा करने लगा। हरी आरोपी को ग्राउंड फ्लोर पर लाया। यहां बहस के दौरान दोनों के बीच झगड़ा हो गया। पहले हरी ने संतोष को जोरदार घूंसा मारा, जिससे वह अचेत हो गया। इसके बाद संतोष के गमछे से उसका गला घोंट दिया।
हरी शव को ठिकाने नहीं लगा पाया। दो दिन तक उसने अपनी बिल्डिंग के बेसमेंट में शव को ठिकाने लगाने के लिए रखे रखा। शनिवार को ठिकाने लगाने की कोशिश में वह पकड़ा गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।