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आईएस के गिरफ्तार आतंकी दंपती के निशाने पर थे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और कश्मीर
Tue, 10 Mar 2020 06:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा
पुरुषोत्तम वर्मा , नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा , नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 10 Mar 2020 06:41 AM IST
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हिना और जहांजेब सामी
- फोटो : अमर उजाला
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आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट खोरासन प्रोविंस (आईएसकेपी) के गिरफ्तार आतंकी दंपती जहांजेब सामी और हिना बशीर बेग के निशाने पर दिल्ली, यूपी और कश्मीर थे। ये भीड़भाड़ वाली जगहों पर आतंकी हमला कराना चाहते थे।
इनकी मंशा थी कि हमले के बाद भगदड़ मचे और उसमें ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान जाए। ऐसे हमलों के लिए ये दिल्ली और यूपी के युवाओं को तैयार कर रहे थे। ये आपत्तिजनक किताबें और वीडियो दिखाकर युवाओं की भावनाएं भड़कर उन्हें जिहादी बनाने में जुटे थे। ये आईएसकेपी से दो-तीन साल से जुड़े हुए थे।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आईएस से इनको आतंकी तैयार करने के निर्देश मिले थे। इसके बाद इन्होंने दिल्ली और यूपी में युवाओं को बरगलाकर आतंकी बनाने का काम शुरू किया। पति-पत्नी को आतंकी हमला खुद नहीं करना था, बल्कि अपने बरगलाए युवाओं से कराना था। कुछ युवाओं को तो ये आत्मघाती हमले के लिए तैयार कर रहे थे।
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स्पेशल सेल की जांच में पति-पत्नी का सीएए के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों में सक्रिय लोगों के साथ संपर्क सामने आया है। ये दोनों शाहीन बाग भी गए थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ये दिल्ली में किन-किन धरना-प्रदर्शनों में गए थे। दिल्ली में भड़की हिंसा को लेकर भी पुलिस इनकी भूमिका की जांच कर रही है।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये अपने प्रतिदिन के कामों के लिए फोन का इस्तेमाल करते थे, मगर आईएसकेपी के आकाओं से बात करने के लिए सोशल मीडिया का ही उपयोग करते थे। ये आईएसकेपी के बड़े आतंकियों के संपर्क में थे।
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि इन्होंने दिल्ली, यूपी और कश्मीर में उन जगहों की रेकी करना शुरू कर दिया था, जहां इनको आतंकी हमले कराने थे। युवाओं को बरगलाने के लिए ये सोशल मीडिया का तो इस्तेमाल करते ही थे, सीएए विरोधी प्रदर्शन स्थलों पर जाकर भी उनसे सीधा संपर्क करते थे।
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इनकी मंशा थी कि हमले के बाद भगदड़ मचे और उसमें ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान जाए। ऐसे हमलों के लिए ये दिल्ली और यूपी के युवाओं को तैयार कर रहे थे। ये आपत्तिजनक किताबें और वीडियो दिखाकर युवाओं की भावनाएं भड़कर उन्हें जिहादी बनाने में जुटे थे। ये आईएसकेपी से दो-तीन साल से जुड़े हुए थे।
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स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आईएस से इनको आतंकी तैयार करने के निर्देश मिले थे। इसके बाद इन्होंने दिल्ली और यूपी में युवाओं को बरगलाकर आतंकी बनाने का काम शुरू किया। पति-पत्नी को आतंकी हमला खुद नहीं करना था, बल्कि अपने बरगलाए युवाओं से कराना था। कुछ युवाओं को तो ये आत्मघाती हमले के लिए तैयार कर रहे थे।
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स्पेशल सेल की जांच में पति-पत्नी का सीएए के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों में सक्रिय लोगों के साथ संपर्क सामने आया है। ये दोनों शाहीन बाग भी गए थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ये दिल्ली में किन-किन धरना-प्रदर्शनों में गए थे। दिल्ली में भड़की हिंसा को लेकर भी पुलिस इनकी भूमिका की जांच कर रही है।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये अपने प्रतिदिन के कामों के लिए फोन का इस्तेमाल करते थे, मगर आईएसकेपी के आकाओं से बात करने के लिए सोशल मीडिया का ही उपयोग करते थे। ये आईएसकेपी के बड़े आतंकियों के संपर्क में थे।
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि इन्होंने दिल्ली, यूपी और कश्मीर में उन जगहों की रेकी करना शुरू कर दिया था, जहां इनको आतंकी हमले कराने थे। युवाओं को बरगलाने के लिए ये सोशल मीडिया का तो इस्तेमाल करते ही थे, सीएए विरोधी प्रदर्शन स्थलों पर जाकर भी उनसे सीधा संपर्क करते थे।