दिल्लीः सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली दो महिलाओं से घर खाली कराया गया
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नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वाली दिल्ली की दो महिलाओं को किराए के मकान से निकाल दिया गया। खबर है कि ये दोनों अपने फ्लैट की बालकनी से सीएए और एनआरसी के विरोध में पोस्टर लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थीं।
इस विरोध से नाराज उनके मकान मालिक ने उनका घर खाली करा दिया है। बताया जा रहा है कि दोनों महिलाएं लाजपत नगर में रहती हैं। जब यहां एक राजनीतिक पार्टी का घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान चल रहा था तब इन दोनों ने अपने अपार्टमेंट की बालकनी से एक बैनर दिखाया।
बैनर पर बीच में बड़े अक्षरों में शेम (शर्म) और दोनों तरफ सीएए और एनआरसी लिखा हुआ था। इसके अलावा उसपर जयहिंद, आजादी और 'नॉट इन माई नेम' भी लिखा था।
गृहमंत्री की रैली होने का है दावा
कहा जा रहा है कि अमित शाह जब लाजपत नगर इलाके में जनसंपर्क रैली कर रहे थे, तब इन दोनों महिलाओं ने ये बैनर अपनी बालकनी से दिखाए थे।
पेशे से वकील सूर्या (27) ने कहा, 'सीएए और एनआरसी को लेकर शांतिपूर्ण विरोध को दर्ज कराने के लिए और यह दिखाने के लिए कि सरकार की परेड देख रहे सभी लोग सीएए और एनआरसी के समर्थन में नहीं हैं, फ्लैट की मेरी साथी और मैंने अपने अपार्टमेंट की बालकनी से उस समय बैनर प्रदर्शित किया, जब अमित शाह के नेतृत्व में रैली हमारी गली से गुजर रही थी।'
दिल्ली में पली-बढ़ी और और लाजपत नगर में रहीं सूर्या ने आरोप लगाया कि इस विरोध को देखकर, रैली में शामिल लोग गुस्सा हो गए और अपशब्द कहे। सूर्या ने कहा कि उनके अपार्टमेंट के नीचे सड़क पर लगभग 150 लोगों की भीड़ जमा थी, जिन्होंने बालकनी से लटकाए गए विरोध बैनर को फाड़ दिया गया और अपने साथ ले गए।
सूर्या ने कहा कि एक समूह भीड़ से अलग हो गया, जो नीचे की तरफ इकट्ठा हो गया और सीढ़ियों से ऊपर चढ़ने की कोशिश करने लगा। साथ ही धमकी दी कि अगर उन्हें ऊपर नहीं आने दिया गया तो दरवाजा तोड़ दिया जाएगा।
सूर्या ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि शांतिपूर्ण विरोध के बदले ऐसी हिंसक प्रतिक्रिया मिलेगी। हमें अपनी सुरक्षा और जान का खतरा होने लगा। हमने खुद को घर में बंद कर लिया, फिर भी पुलिस के हस्तक्षेप करने तक वे हिंसक रूप से हमारा दरवाजे पीटते रहे और चिल्लाते रहे।
उन्होंने कहा, 'इस बीच, हमारे मकान मालिक ने बताया कि हमें मकान से निकाल दिया गया है। काफी देर बाद और कई बार हस्तक्षेप करने के बाद मेरे दोस्तों और पिता को एक पुलिस अधिकारी के साथ परिसर में प्रवेश करने की अनुमति दी गई।' सूर्या ने कहा कि पुलिस ने अनियंत्रित भीड़ के 'आपराधिक व्यवहार' के खिलाफ उनकी शिकायत दर्ज की।