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Delhi : दो करोड़ लोगों को मिलेगी निर्बाध बिजली आपूर्ति, समर एक्शन प्लान तैयार; अक्षय उर्जा पर भी जोर
Thu, 18 Apr 2024 02:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 18 Apr 2024 02:11 AM IST
सार
इस बार पारंपरिक बिजली के साथ ही अक्षय उर्जा और पावर बैंकिंग से भी आपूर्ति करने की तैयारी की गई है, ताकि राजधानी के करीब दो करोड़ लोगों तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी में बढ़ती गर्मी को देखते हुए बिजली कंपनियों ने समर एक्शन प्लान तैयार किया है। इस बार पारंपरिक बिजली के साथ ही अक्षय उर्जा और पावर बैंकिंग से भी आपूर्ति करने की तैयारी की गई है, ताकि राजधानी के करीब दो करोड़ लोगों तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। एडवांस्ड स्टैटिस्टिक्स फोरकास्ट मॉडल्स, अत्याधुनिक वेदर फोरकास्ट सोल्यूशंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से बिजली की मांग का सटीक अनुमान भी लगाया जा रहा है।
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अधिकारियों का कहना है कि इस साल बिजली की पीक डिमांड 8000 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में निर्बाध रूप से दिल्ली में बिजली आपूर्ति करने के लिए खास तैयारी की गई है। उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए बीएसईएस ने लंबी अवधि के समझौतों के तहत बिजली की पर्याप्त व्यवस्था की है। सब-ट्रांसमिशन सिस्टम में ब्रेकडाउन और सप्लाई बहाली के लिए राउंड-द-क्लॉक टीमों की तैनाती की जाएगी। पिछले साल पीक डिमांड 7438 मेगावाट तक पहुंची थी। वर्ष 2022 में दिल्ली में बिजली की मांग 7695 मेगावाट दर्ज की गई थी। पिछले साल गर्मियों में टाटा पावर-डीडीएल के परिचालन क्षेत्रों में अधिकतम पावर डिमांड 2182 मेगावाट रही थी।
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कई स्रोतों से बिजली मिलेगी
बिजली कंपनियों ने इस साल पारंपरिक पावर प्लांटों के अलावा अन्य स्रोतों से भी बिजली की पॉवर बैंकिंग की है। इसमें अक्षय उर्जा से 2100 मेगावाट तक ऊर्जा मिलेगी। इनमें सौर ऊर्जा प्लांटों से 888 मेगावाट, हाइड्रो प्लांटों से 515 मेगावाट, पवन उर्जा से 500 मेगावाट बिजली उपलब्ध होगी। कचरे से बनने वाली 40 मेेगावाट बिजली भी बीएसईएस को उपलब्ध होगी। इसी तरह उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर लगे सोलर पैनलों से भी 163 मेगावाट बिजली उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा पावर बैंकिंग के माध्यम से भी 670 मेगावाट बिजली मिलेगी।
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बिजली की मांग का सटीक अनुमान
बिजली की मांग का सटीक अनुमान बिजली कंपनियां लगा रही हैं। इसमें मौसम का अनुमान लगाने वाली तकनीक शामिल है। सटीक अनुमान लगाने में तापमान, बारिश, बादल, हवा की गति, हवा की दिशा और उमस को भी ध्यान में रखा जा रहा है। इसके लिए एडवांस्ड स्टैटिस्टिकल फोरकास्ट मॉडल, अत्याधुनिक वेदर फोरकास्ट सोल्यूशंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। बिजली कंपनियां ने नेटवर्क को भी अपग्रेड किया है। लोड फोरकास्ट सिस्टम के अलावा मॉडलिंग तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है।
टाटा पावर लगाएगी नए ट्रांसफार्मर
बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए टाटा पावर थर्मो-स्कैनिवि भौतिक रूप से जांच पर बल देगी। दोषपूर्ण यूनिटों को बदला गया है। पेड़ों की कटाई-छंटाई, सभी ग्रिड सबस्टेशन उपकरणों के लिए इंफ्रा-रेड एंड अल्ट्रासाउंड, ग्रिड स्विच गियर का बेहतर रखरखाव किया जाएगा। सब-ट्रांसमिशन ओवरहेड लाइनों को बेहतर किया जाएगा। बढ़ते लोड की जरूरत पूरी करने के लिए नए ट्रांसफार्मर लगेंगे।