दिल्ली से चेन्नई का सफर होगा सिर्फ 6 घंटे में
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रेलमंत्री सुरेश प्रभु आम-आदमी को सहूलियत का नया तोहफ देने की कोशिश में हैं। ये तोहफा दिल्ली से चेन्नई जाने वाले लोगों के लिए होगा। दिल्ली से चेन्नई के लिए हाई स्पीड रेल कॉरीडोर बनाने की योजना है।
1754 किलोमीटर्स लंबे इस हाई स्पीड रेल कॉरीडोर पर 300 किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेने दौड़ती हुई दिखाई देंगी,जो आपको 6 घंटे में दिल्ली से चेन्नई और चेन्नई से दिल्ली लाने ले जाने का काम करेंगी।
इस योजना की अनुमानित लागत 2 लाख करोड़ रुपये हो सकती है। इस योजना को चीन के साथ मिलकर विकसित किया जाएगा। विश्व की अब तक की सबसे हाई स्पीड रेल लाइन बीजिंग से ग्वांगझाऊ के बीच है।
अधिकारियों के मुताबिक इस योजना को वास्तविक रुप देने के लिए बनायी गयी टीम 24 नवंबर को बीजिंग जाएगी जहां कागजी कार्रवाई के साथ इस रेल लाइन के व्यावहारिकता की जांच की जाएगी।
हाई स्पीड ट्रेन दौड़ेगी दिल्ली चेन्नई के बीच
दिल्ली-चेन्नई की इस रेल लाइन की जांच अगले साल तक शुरु होने की संभावना है। हाईस्पीड रेल लाइन बिछाने की इस योजना को भारत चीन के बीच हुए रेल आधुनीकरण करार के तहत किया जाना है। ये करार शी जिनपिंग के दिल्ली दौरे के दौरान किया गया था।
इस प्रक्रिया में लगने वाला खर्च चाइना की कंपनी उठाएगी। दिल्ली चेन्नई का ये कॉरीडोर हीरक चतुर्भुज योजना के तहत अलग-अलग शहरों को जोड़ने वाले हाई स्पीड रेल नेटवर्क का ही हिस्सा है।
इसके अलावा इस नेटवर्क में दिल्ली-मुम्बई, मुम्बई-चेन्नई, चेन्नई-कोलकाता, कोलकाता-दिल्ली और मुम्बई-कोलकाता के लिए भी हाई स्पीड ट्रेन कॉरीडोर बनाये जाने हैं। सोमवार को रेल मंत्री बनने के बाद सुरेश प्रभू मोदी के प्रिय प्रोजेक्ट को पूरे करने में लगे हैं।