दिल्ली-बहरोड़ के बीच 106 किमी की दूरी 70 मिनट में होगी तय
केंद्र सरकार ने एनसीआर में आवाजाही आसान करने की दिशा में अगला कदम बढ़ा दिया है। दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर के बाद अब दिल्ली-अलवर कॉरिडोर के पहले हिस्से की डीपीआर को मंजूरी दे दी है। इसके तहत आरआरटीएस की लाइन वाया गुरुग्राम दिल्ली से शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़ अर्बन कांप्लेक्स (एसएनबी) तक पहुंचेगी। केंद्रीय आवास व शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि अब निविदा से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। टेंडर आवंटित होने के बाद कॉरिडोर पांच साल में तैयार कर लिया जाएगा।
दिल्ली-अलवर आरआरटीएस कॉरिडोर को तीन चरणों में पूरा करने की योजना है। पहले चरण में दिल्ली के सराय काले खां से गुरुग्राम होते हुए एसएनबी तक करीब 106 किमी लंबा कॉरिडोर तैयार होगा। मुसाफिरों को यह दूरी तय करने में 70 मिनट लगेंगे। इसका पांच स्टेशन वाला 35 किमी का हिस्सा अंडरग्राउंड होगा। 71 किमी लंबे एलिवेटेड हिस्से में 11 स्टेशन होंगे। दूसरे चरण में एसएनबी से आरआरटीएस की एक सबलाइन सोतानाला तक तैयार होगी और तीसरा चरण अलवर तक जाएगा। इन कारीडोर की डीपीआर को जल्द ही मंजूरी दे दी जाएगी।
करीब 24,975 करोड़ आएगा खर्च
पहले चरण की लागत करीब 24,975 करोड़ रुपये आएगी। इसका बीस फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार व बीस फीसदी संबंधित राज्य सरकारें देंगी। शेष 60 फीसदी वित्तीय मदद करने वाली एजेंसियों से जुटाया जाएगा।
180 किमी प्रतिघंटा तक दौड़ेगी ट्रेन
कॉरिडोर का डिजाइन ऐसा होगा कि ट्रैक पर ट्रेन 180 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ सके। हालांकि, ऑपरेशनल स्पीड 160 व औसत गति 100 किमी प्रतिघंटा रखी जाएगी। एक ट्रेन में अधिकतम 9 कोच लगेंगे। सभी कोच वातानुकूलित होंगे। इसमें बिजनेस कोच के अलावा महिलाओं के लिए विशेष कोच लगेगा।
सराय काले खां पर जुड़ेंगे तीनों कॉरिडोर
सराय काले खां पर तीनों आरआरटीएस कॉरिडोर आपस में जुड़ जाएंगे। दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-अलवर व दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर के एक जगह मिलने से सराय काले खां बड़े ट्रांसपोर्ट हब के तौर पर विकसित होगा।