फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   delhi : Thousands of migrant workers returned from other states, but administration has only 36 list

हजारों की संख्या में दूसरे राज्यों से लौटे प्रवासी श्रमिक, लेकिन प्रशासन के पास केवल 36 की सूची

Tue, 30 Jun 2020 06:24 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी मनोज कुमार, नोएडा
मनोज कुमार, नोएडा Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Tue, 30 Jun 2020 06:24 PM IST
सार

  • -प्रदेश सरकार रोजगार देने का कर रही दावा

विज्ञापन
delhi : Thousands of migrant workers returned from other states, but administration has only 36 list
मजदूर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

प्रदेश सरकार भले ही प्रवासी श्रमिकों को उनके घर के पास रोजगार देने का दावा कर रही हो। लेकिन धरातल पर ऐसा नहीं हो पा रहा है। जिले में केवल 36 प्रवासी श्रमिकों को ही चिन्हित किया है। जबकि हजारों की तादाद में श्रमिक दूसरे जनपदों और प्रदेशों से गौतमबुद्घनगर में आए हैं।
विज्ञापन


प्रदेश सरकार ने योजना बनाई है कि वह हर जिले के कामगारों को उन्हीं के घर के पास रोजगार देगी। इसके लिए जिला प्रशासन, सेवायोजन कार्यालय, समेत कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। करीब 15 दिन तक श्रमिकों का लाने और ले जाने का सिलसिला चलता रहा था। 
विज्ञापन


लेकिन इन सभी प्रयासों के बाद भी जिला प्रशासन की टीम जिले में केवल 36 प्रवासी श्रमिकों को चिन्हित कर पाई जो दूसरे जिलों में काम करते हैं। जबकि यह संख्या करीब 5 से 7 हजार के करीब है। जो हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत अन्य प्रदेशों में काम करते थे। लेकिन इतने श्रमिकों में से केवल 36 प्रवासी श्रमिकों को ही चिन्हित किया गया है। जिससे साफ है कि प्रशासन केनुमाइंदे सरकार की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


हजारों की संख्या में लौटे प्रवासी श्रमिक लेकिन सरकारी आंकड़ों में केवल 36 ही मिले
जिले में छोटी-बड़ी करीब 15 हजार कंपनियां हैं और इनमें 12 से 13 लाख श्रमिक काम करते हैं। जो लॉक डाउन होने के कारण अधिक्तर अपने घर के लिए जा चुके हैं। इस बीच प्रवासी श्रमिक भी वापस आए। लेकिन जिले में केवल 36 ही प्रवासी श्रमिकों को सरकारी मशीनरी ने चिन्हित किया है। जिससे इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

हर जिले में दिया जाना है दूसरे स्थानों से आने वाले श्रमिकों को रोजगार
प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने हर जिले के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने घर लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों को चिन्हित करें और उनको रोजगार देने के लिए उनको सेवामित्र एप पर पंजीकरण कराएं। जिससे उनको वहीं पर रोजगार दिया जा सके।

कम पैसे मिलने के कारण काम करने से इंकार किया
अधिकारियों का दावा है कि 36 प्रवासी श्रमिकों से मोबाइल फोन से संपर्क किया लेकिन उन्होंने जिले में काम करने से इंकार कर दिया। श्रमिकों का कहना है कि उनको कम पैसे दिए जा रहे हैं इसलिए वह यहां पर काम नहीं करेंगे।

उनके पास केवल 36 प्रवासी श्रमिकों की सूची आई है जो दूसरे राज्यों से जिले में वापस लौटे हैं। उनसे संपर्क करके पंजीकरण करने के लिए कहा गया है। लेकिन अभी तक उनकी कोई सूचना नहीं दर्ज हुई है।


पदमवीर सिंह, जिला सेवायोजन अधिकारी

गौतमबुदध नगर के श्रमिक दूसरे जिले से वापस आए हैं। उनकी संख्या करीब दो से तीन हजार है। लेकिन सरकारी आंकड़ों में केवल 36 का जिक्र है और उनको भी कोई रोजगार नहीं मिला है।
गंगेश्वर दत्त शर्मा, सीटू जिलाध्यक्ष

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed