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Delhi: बिना मंजूरी रिज क्षेत्र में लगाया एसटीपी, जल बोर्ड को देना पड़ेगा 1.50 करोड़ रुपये का पर्यावरण मुआवजा

Wed, 12 Aug 2026 07:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 12 Aug 2026 07:11 AM IST
सार

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) पर 1 करोड़ 50 लाख 60 हजार रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया है।

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Delhi: STP installed in Ridge area without approval; Jal Board to pay ₹1.50 crore in compensation.
दिल्ली जल बोर्ड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वसंत कुंज के स्मृति वन स्थित मछली तालाब में संरक्षित रिज क्षेत्र के भीतर बिना जरूरी मंजूरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने और संचालित करने पर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) पर 1 करोड़ 50 लाख 60 हजार रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया है। डीपीसीसी ने प्लांट के संचालन की अनुमति भी रद्द कर दी है।

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 समिति ने यह जानकारी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में दाखिल रिपोर्ट में दी है। मामले की सुनवाई के दौरान एनजीटी में यह सवाल उठा था कि संरक्षित रिज क्षेत्र में जल बोर्ड को एसटीपी लगाने की अनुमति किस आधार पर दी गई। 
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डीपीसीसी की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 3 नवंबर 2025 को स्पष्ट किया कि स्मृति वन में 1100 किलोलीटर प्रतिदिन (केएलडी) क्षमता का डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (डीएसटीपी) संरक्षित साउथ-सेंट्रल रिज क्षेत्र में आता है। इसके बाद डीपीसीसी ने 2 फरवरी को डीजेबी को दी गई प्लांट लगाने की स्थापना सहमति वापस ले ली। अगले दिन 3 फरवरी को प्लांट चलाने की अनुमति के लिए डीजेबी का आवेदन भी खारिज कर दिया गया।
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बिना मंजूरी चल रहा था प्लांट
डीपीसीसी के मुताबिक, डीजेबी ने 20 अक्तूबर 2022 से प्लांट को बिना वैध पर्यावरणीय मंजूरी के संचालित किया। जांच में ट्रीटमेंट के बाद निकलने वाले पानी में बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी), कुल निलंबित ठोस पदार्थ और केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (सीओडी) निर्धारित मानकों से अधिक मिले। 

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