किरण बेदी से खफा सिख समुदाय: कालका बोले- देश की महिलाओं को बचाने का गौरव हमारे नाम, माफी मांगें नहीं तो...
किरण बेदी द्वारा सिखों पर की गई टिप्पणी मामले में मुखर्जी नगर थाने में शिकायत दी गई है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने इस बयान की निंदा की है। कमेटी ने कहा है कि उनके बयान से सिख समुदाय आहत हुआ है और वह तुरंत मामले को लेकर माफी मांगें।
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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष के हरमीत सिंह कालका ने कहा कि आश्चर्यजनक है कि देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी कहलाने वाली व संवैधानिक पदों पर रह चुकीं बेदी को यह बात समझ नहीं आई कि वह किस कौम के खिलाफ वह बयानबाजी कर रही हैं। बेदी को जानना चाहिए कि जिस समय भारत की महिलाओं को बेचने के लिए गजनी के बाजार में ले जाया जाता था तो उस समय यही महिलाएं सिखों को आवाज लगाती थीं कि उन्हें आकर बचा लें। उन्होंने कहा कि देश की महिलाओं, बेटियों, बहनों को बचाने का गौरव केवल सिखों के हिस्से में आया है, लेकिन आज वही औरत इसका मजाक बनाए इससे ज्यादा अफसोस की बात कोई नहीं है। उन्होंने माफी नहीं मांगी तो फिर सिख कौम इस मामले में अपना अगला रूख अपनाएगी।
दिल्ली पुलिस से शिकायत करने वाले जसप्रीत सिंह माटा ने कहा कि उनका एक कार्यक्रम में यह कहना कि 12 बज गए हैं बेहद निंदनीय है। दो जून को एक वीडियो वायरल हुई जिसमें एक पुस्तक के विमोचन में सिखों पर 12 बज गए कि टिप्पणी की गई। उन्हें यह नहीं पता कि बहु-बेटियों की इज्जत बचाने के लिए यह संदर्भ आया और बेदी इसका मजाक उड़ा रहीं हैं। उन्हें सिख कौम से माफी मांगनी चाहिए। जो बात किरण बेदी ने कही है वह उनके लिए चुटकला या व्यंग्य हो सकती है पर इससे सिखों के हृदयों को गहरी चोट पहुंची है। इसके खिलाफ अभी शिकायत दी गई है, जल्द ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के पूर्व अध्यक्ष ने भी की निंदा
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने भी किरण बेदी के बयान की निंदा की है। उन्हें एक नसीहत भी दी है, जिसमें कहा है कि बहु-बेटियों को बचाने के लिए सिखों के 12 बजते हैं। 12 बजने का मतलब है कि सिख धर्म मदद के लिए आगे आता है। सिखों ने हमेशा महिलाओं की हिफाजत की है।