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Delhi : फर्जी दस्तावेज से भेजा अमेरिका, यात्री की निशानदेही पर आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने एजेंट को किया गिरफ्तार
Sat, 14 Jun 2025 07:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 14 Jun 2025 07:05 AM IST
सार
आरोपी ने विभिन्न देशों के जरिये यात्री को अमेरिका भेजा था। अमेरिका में अवैध रूप से रहने की वजह से यात्री को पकड़ लिया गया। छह माह हिरासत में रखने के बाद उसे भारत निर्वासित कर दिया गया था।
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विस्तार
आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज के जरिये एक यात्री को अमेरिका भेजकर उससे 35 लाख की ठगी करने वाले एजेंट को गिरफ्तार किया है। एजेंट की पहचान कुरुक्षेत्र के गांव बरौंडा निवासी अमित कुमार के रूप में हुई है।
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आरोपी ने विभिन्न देशों के जरिये यात्री को अमेरिका भेजा था। अमेरिका में अवैध रूप से रहने की वजह से यात्री को पकड़ लिया गया। छह माह हिरासत में रखने के बाद उसे भारत निर्वासित कर दिया गया था।
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आईजीआई एयरपोर्ट की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि 23 मई की रात अंबाला निवासी प्रियांशु अमेरिका से दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचा। दस्तावेज की जांच में पता चला कि उसे अमेरिका से निर्वासित किया गया है।
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उसके यात्रा दस्तावेजों की जांच करने पर पता चला कि उसके पासपोर्ट के कुछ पन्ने गायब हैं। पासपोर्ट से छेड़छाड़ के आरोप में उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में उसने बताया कि 2023 में उसकी बहन अमेरिका गई थी। बेहतर आजीविका के लिए वह भी अमेरिका जाना चाहता था। 2024 में वह एजेंट अमित, रजत और हर्षबीर के संपर्क में आया।
एजेंटों ने उसे 35 लाख रुपये में यात्रा की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। एजेंटों ने यात्री पासपोर्ट और अन्य यात्रा दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। फिर उन्होंने यूनाइटेड किंगडम की यात्रा की व्यवस्था की, जहां वह लगभग एक महीने तक रहा।
इसके बाद एजेंटों ने फ्रांस, स्पेन, निकारागुआ, होंडुरास, ग्वाटेमाला और मैक्सिको के माध्यम से उसकी आगे की अवैध यात्रा की सुविधा प्रदान की। एजेंटों ने उसके पासपोर्ट पर कई देशों के नकली इमिग्रेशन स्टैंप चिपकाने की व्यवस्था की।
अमेरिका पहुंचने पर उसने एजेंटों के कहने पर अपने पासपोर्ट से कई पन्ने हटा दिए। अवैध रूप से रहने की वजह से उसे अमेरिकी अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया। हिरासत केंद्र में लगभग छह महीने रहने के बाद उसे वापस भारत भेज दिया गया। निरीक्षक सतीश के नेतृत्व में पुलिस ने यात्री की निशानदेही पर आरोपी एजेंटों की तलाश शुरू की।