फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi's three infrastucture project among worlds top 100 list.

इनकी कहानी ने पूरी दुनिया में बजा दिया देश का डंका

Fri, 14 Nov 2014 04:12 PM IST
Updated Fri, 14 Nov 2014 04:12 PM IST
विज्ञापन
Delhi's three infrastucture project among worlds top 100 list.

दिल्ली ने एक बार फिर दुनिया में देश का नाम रोशन किया है। इसकी वजह है कि दिल्ली के तीन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को दुनिया के सबसे प्रगतिशील और प्रभावशाली टॉप 100 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है।

विज्ञापन


दिल्ली की इन तीन परियोजनाओं में दिल्ली मेट्रो, यमुना एक्सप्रेसवे और इंटरसेप्टर सीवेज सिस्टम का नाम है। हालांकि इनके अलावा देश की अन्य तीन परियोजनाएं भी इस सूची में शामिल हैं।
विज्ञापन


जिनमें गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी(जीआईएफटी), मुंद्रा अल्ट्रा मेगा पॉवर प्लांट और नर्मदा कैनाल सोलर प्रोजेक्ट हैं। इन सौ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की सूची इंटरनेशनल अकाउंटिंग फर्म केपीएमजी द्वारा तैयार की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसलिए टॉप 100 में शामिल हुए ये नाम

Delhi's three infrastucture project among worlds top 100 list.

केपीएमजी की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली को आगरा से जोड़ने वाले, छह लेन के 165 किमी. लंबे यमुना एक्सप्रेसवे ने इन शहरों की दूरियों को ऐतिहासिक रूप से कम कर दिया है। इस 1.9 बिलियन वाले प्रोजेक्ट ने निश्चित तौर पर अपना प्रभाव इसके किनारे बसे गांववालों, सैलानियों, व्यापारियों और नौकरी करने वालों पर भी डाला है।

इसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2.3 बिलियन डॉलर से भी अधिक निवेश वाला दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट इस बात का शानदार उदाहरण है कि किस तरह जनहित के कार्यक्रम प्रभावशाली तरीके से चलाए जा सकते हैं।

दिल्ली में लगने वाला 323 मिलियन डॉलर वाला इंटरसेप्टर सीवेज सिस्टम प्रोजेक्ट बहुत ही कारगर है। इसके बनने के बाद सारा रॉ सीवेज यमुना में जाने और उसे प्रदूषित करने से बच जाएगा।

परियोजनाओं को रहता है निवेशकों का इंतजार

Delhi's three infrastucture project among worlds top 100 list.

केपीएमजी की जारी एक रीलिज में कहा गया है कि सभी परियोजनाओं का आंकलन उनकी व्यवहार्यता, जटिलता, वो कितने बड़े पैमाने पर बने हैं और समाज पर उनका क्या प्रभाव पड़ा इसके आधार पर किया गया है।

केपीएमजी के चेयरमैन जेम्स स्टीवार्ट ने बताया कि हर देश की यह कोशिश होती है कि वह परियोजनाओं को विकसित करे और फंड उपलब्ध कराए। हालांकि सभी देशों को ऐसा करने के लिए कई सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें इन परियोजनाओं के लिए निवेश को आकर्षित करना सबसे बड़ा मुद्दा होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed