दिल्ली की हवा 'बेहद खराब': राजधानी में 24 घंटे में AQI 23 अंक बढ़ा, NCR का भी हाल बेहाल, सोमवार तक राहत नहीं
बढ़ते प्रदूषण के कारण दिल्ली के निवासियों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, खासकर सांस के मरीजों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है।
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राजधानी में घटते तापमान के साथ प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में शुक्रवार सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे से हुई। वहीं, आसमान में स्मॉग की हल्की चादर भी दिखाई दी। इसके चलते दृश्यता भी कम रही। इस दौरान लोग मास्क पहने नजर आए। साथ ही, सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 327 दर्ज किया गया। यह हवा की 'बेहद खराब' श्रेणी है। इसमें बृहस्पतिवार की तुलना में 23 सूचकांक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
दूसरी ओर, एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 339 दर्ज किया गया, यह 'बेहद खराब' श्रेणी है। वहीं, गाजियाबाद में 321, ग्रेटर नोएडा में 316 और गुरुग्राम में 298 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 217 दर्ज किया गया। यह हवा की 'खराब' श्रेणी है।
निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, हवा को खराब करने में वाहन से होने वाला प्रदूषण की हिस्सेदारी 15.36 फीसदी रही। इसके अलावा निर्माण गतिविधियों से 2.10, आवासीय प्रदूषण 3.73 और पेरिफेरल उद्योग से 7.6 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, शुक्रवार को हवा उत्तर पश्चिम दिशा से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1000 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 4500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 277.2 और पीएम2.5 की मात्रा 156 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई।
सोमवार तक राहत नहीं
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि सोमवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में ही बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, कई इलाकों में गंभीर और बेहद खराब श्रेणी में हवा दर्ज की गई।