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Delhi: रोहिणी पुलिस ने राजस्थान और एमपी से चार जालसाजों को किया गिरफ्तार, लोन देने का झांसा देकर करते थे ठगी

Sun, 03 Jul 2022 06:53 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Sun, 03 Jul 2022 06:53 PM IST
सार

मुख्य आरोपी इंस्टाग्राम के जरिए चीन के ठगों के संपर्क में आया और यूट्यूब पर ठगी के गुर सीखकर वारदात को अंजाम देने लगा। आरोपी अब तक करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है और उस पर राजस्थान में ठगी का एक मामला भी दर्ज है।

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Delhi Rohini Cyber Cell has arrested four fraudsters from Rajasthan and Madhya Pradesh
जासलासी के चार आरोपियों और बीएमडब्ल्यू कार के साथ पुलिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चीन से ऑनलाइन लोन देने का झांसा देकर ठगी का धंधा चल रहा था। रोहिणी साइबर सेल ने हाईटेक ठगी में शामिल चार जालसाजों को राजस्थान और मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। एक जालसाज लोगों को लोन देने का झांसा देकर रकम को अपने साथियों के बैंक खातों में डलवाता था और फिर रकम को किप्टो करेंसी में बदलकर चीन में बैठे जालसाज को भेज देता था। इसके एवज में उन्हें कमीशन मिलता था।

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मुख्य आरोपी इंस्टाग्राम के जरिए चीन के ठगों के संपर्क में आया और यूट्यूब पर ठगी के गुर सीखकर वारदात को अंजाम देने लगा। आरोपी अब तक करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है और उस पर राजस्थान में ठगी का एक मामला भी दर्ज है।
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रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने बताया कि गिरफ्तार जालसाजों की पहचान चित्तौड़गढ़ राजस्थान निवासी दीपक पटवा, देव किशन, सुरेश सिंह और नीमच मध्य प्रदेश निवासी सुनील कुमार खटीक के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 15 एटीएम, 7 मोबाइल फोन, 27 सिम, डोंगल, लैपटॉप, टैबलेट, 6 चेकबुक, 5 पासबुक, 20 हजार और एक बीएमडब्ल्यू कार बरामद की है।

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पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोहम्मद नदीम सैफी ने रोहिणी जिला साइबर सेल में ठगी की शिकायत की। उसने बताया कि उसके मोबाइल पर एक मैसेज आया। लिखा था कि आपका लोन स्वीकृत है और आप एप को लॉग इन कर दो लाख रुपये तक की सीमा चुन सकते हैं। शिकायतकर्ता ने लिंक का अनुसरण किया। उसने पूरा विवरण अपलोड किया। इसके कुछ देर बाद उनके नंबर पर व्हाट्सएप कॉल आया। उन्हें कंपनी के नियम की जानकारी देते हुए लोन की रकम का पांच फीसदी अग्रिम जमा करने के लिए कहा गया। साथ ही कहा गया कि यह रकम वापस कर दी जाएगी। पीड़ित ने तीन बार में दिए गए बैंक खातों में 10 हजार रुपये जमा कर दिए। उसके बाद से आरोपी ने व्हाट्सएप पर जवाब देना बंद कर दिया।

शिकायत पर साइबर सेल ने मामला दर्ज कर लिया और थाना प्रभारी अजय दलाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि ठगी गई रकम मध्य प्रदेश के नीमच स्थित बैंक खातों में ट्रांसफर हुआ है। बैंक खाते की जांच में पता चला कि इन खातों में दो दिन में 75 लाख रुपये से अधिक ट्रांसफर किए गए हैं। इस रकम से क्रिप्टो करेंसी खरीदी जा रही है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान की। तकनीकी जांच में पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में मौजूद है। पुलिस ने नीमच से सुनील कुमार खटीक को गिरफ्तार करने के बाद मुख्य आरोपी दीपक पटवा समेत दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

चीन के जालसाज से मिलकर करते थे ठगी

दीपक ने बताया कि वह चीन के नागरिक के साथ मिलकर ठगी को अंजाम देते थे। वह इंस्टाग्राम पर कुछ चीनी नागरिकों के संपर्क में आया, जो ऑनलाइन लोन देने के बहाने लोगों से ठगी करते थे। दीपक ने उनसे ठगी के गुर सीखे और साथ मिलकर ठगी करने लगा। खाता मालिकों को खातों में आने वाले रकम का 1.5 फीसदी भुगतान करने की बात कहकर उनका बैंक खाता ले लेता था। फिर पंजीकृत सिम कार्ड भी प्राप्त कर लेता था।

आरोपी यूपीआई के माध्यम से अलग अलग बैंक खातों में रकम प्राप्त करता था। फिर बिनेंस क्रिप्टो एक्सचेंज से ठगी की रकम से यूएसडीटी खरीदकर उसे क्रिप्टो मुद्रा में परिवर्तित करता था और चीन के ठगों को देता था। दीपक पटवा ने बताया कि उसे यूएसडीटी में कमीशन मिलता था और बाद में उसे अपने खाते में या हवाला के जरिए भुना लेता था।

जांच में पता चला कि जिस व्हाट्सएप नंबर से ठगी की जाती थी उसका आईपी एड्रेस चीन का है। व्हाट्सएप नंबर से संवाद करने के लिए दीपक चीनी भाषा में प्राप्त संदेशों का गूगल ट्रांसलेटर की मदद से हिंदी में अनुवाद करता था और आगे गूगल ट्रांसलेटर की मदद से अपनी बातों को भेजता था। पुलिस इस धंधे से जुड़े अन्य आरोपियों और पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है।

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