मई में आएगा चलने का असली मजा!: गड्ढा मुक्त होंगी दिल्ली की सड़कें, PWD ने कर ली है बड़ी तैयारी
दिल्ली की अलग-अलग सड़कों के 120 किमी लंबे स्ट्रेच की दशा में सुधारने की योजना पर भी काम चल रहा है। जर्जर और खस्ताहाल सड़कों की ऊपरी सतह को ठीक करने के लिए 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
विस्तार
दिल्ली की सड़कों के गड्ढे 30 अप्रैल तक खत्म हो जाएंगे। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से इस संबंध में योजना तैयार की गई है। इसके लिए मेनटेंनस वैन तैनात किया गया है। विभाग के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों पर 7000 गड्ढे हैं। बीते 21 फरवरी को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली मंत्रिपरिषद के समक्ष इस बारे में एक प्रेजेंटेशन भी दिया गया था। इस प्रेजेंटेशन में विभिन्न निविदाओं को आमंत्रित करने और काम शुरू करने के लिए कुछ समय सीमाएं निर्धारित की गई हैं।
गड्ढे भरने का काम शुरू
विभाग के अधिकारी ने कहा कि रखरखाव वैन का उपयोग करके गड्ढे भरने काम का शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही विभाग ने मरम्मत की आवश्यकता वाले 20 लाख वर्ग मीटर सड़क पैच की पहचान की है। इन मरम्मतों के लिए निविदा प्रक्रिया 15 मार्च तक पूरी होगी और काम 30 अप्रैल तक पूरा कर दिया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने प्रस्ताव को दी मंजूरी
वहीं दूसरी तरफ दिल्ली की सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मंत्री प्रवेश वर्मा ने पीरागढ़ी चौक से टिकरी बॉर्डर तक 13.23 किमी लंबे दिल्ली-रोहतक रोड (एनएच-10) को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस महत्वपूर्ण फैसले को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सैद्धांतिक रूप से सहमति दे चुके हैं, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग को हाईवे में बदलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। वर्तमान में दिल्ली सरकार के हिस्से वाली इस सड़क ही हालत कई जगहों पर बेहद खराब है। पीडब्ल्यूडी मंत्री ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देकर एनएचएआई को सौंपने के लिए आगे बढ़ा दिया है।
120 किमी लंबे स्ट्रेच की दशा सुधरेगी...
दिल्ली की अलग-अलग सड़कों के 120 किमी लंबे स्ट्रेच की दशा में सुधारने की योजना पर भी काम चल रहा है। जर्जर और खस्ताहाल सड़कों की ऊपरी सतह को ठीक करने के लिए 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें आउटर रिंग रोड के 10.6 किमी स्ट्रेच की रिसर्फेसिंग की भी योजना है। अधिकारियों ने बताया कि मॉनसून के बाद कई जगहों पर सड़कों की हालत जर्जर और खस्ताहाल है।