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दिल्ली दंगा : पीठ ने दो दिन के भीतर पुलिस से मांगी ऐसे आदेशों की पांच प्रतियां

Sat, 01 Aug 2020 04:08 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Sat, 01 Aug 2020 04:08 PM IST
सार

  • दंगा मामले में गिरफ्तारी को लेकर विशेष आयुक्त के आदेश पर हाईकोर्ट ने उठाया सवाल

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Delhi riot : bench sought five copies of such orders from the police within two days
दिल्ली हिंसा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगा मामले में किसी भी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को बेहद सावधानी बरतने के लिए विशेष आयुक्त की ओर से जारी आदेश पर सवाल उठाया। पीठ ने इस आदेश पर नाराजगी जताते हुए पूछा कि ऐसा आदेश क्यों दिया गया, जिससे गलत संदेश मिलता है। दंगे में मारे गए दो लोगों के परिवारों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ये सवाल उठाए।

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न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की एकल पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए याचिका पर सुनवाई की। पीठ ने सुनवाई में पेश हुए दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (अपराध और आर्थिक अपराध शाखा) प्रवीर रंजन से पूछा कि अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के लिए उन्हें 8 जुलाई को ऐसा पत्र जारी करने की क्या जरूरत पड़ गई। 
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पीठ ने यह भी पूछा गया कि क्या पुलिस ने अन्य मामलों में भी ऐसे आदेश जारी किए थे। इस पर आईपीएस अधिकारी ने जवाब दिया कि सावधानी और एहतियात बरतने के लिए अधिकारियों को इस तरह का आदेश जारी करना एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में जब भी कोई शिकायत या सूचना आती है तो इस तरह का पत्र भेजा जाता है, जैसा कि 8 जुलाई को किया गया।
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उन्होंने कहा, ‘‘एजेंसी को खास सूचना मिली थी और जब भी ऐसी सूचना मिलती है हम अपने अधिकारियों को सतर्क कर देते हैं कि जांच के दौरान उन्हें अत्यधिक सावधानी और एहतियात बरतना चाहिए।’’ अधिकारी ने कहा कि दंगा मामलों के अलावा उन्होंने पूर्व में कई अन्य मामलों में भी ऐसे आदेश जारी किए थे। उन्होंने कहा कि दंगों के सारे मामले आठ जुलाई के पत्र के पहले दर्ज हुए थे, इसलिए किसी भी समुदाय के सदस्यों से पक्षपात नहीं हुआ है।

इस पर पीठ ने रंजन को निर्देश दिया कि वे दो दिन के भीतर ऐसे 5 आदेश या पत्र मुहरबंद लिफाफे में कोर्ट में पेश करें, जिन्हें उन्होंने या उनके पूर्ववर्ती अधिकारियों ने ऐसी शिकायत मिलने पर जारी किया था। पीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त के लिए मुकर्रर की है।


याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि विशेष पुलिस आयुक्त ने आठ जुलाई को एक आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगा प्रभावित इलाकों से ‘‘कुछ हिंदू युवाओं ’’ की गिरफ्तारी से हिंदू समुदाय के बीच आक्रोश पनप सकता है और गिरफ्तारी करते समय ‘‘सावधानी और एहतियात’’ बरतनी चाहिए।

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